पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है और अब ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद ज़रिफ ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अल जज़ीरा में लिखे अपने लेख में कहा कि इस क्षेत्र को अब विदेशी ताकतों के भरोसे रहना छोड़ना होगा। इसी बीच दुबई और बेरूत में हुए हमलों ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है।
जवाद ज़रिफ ने सुरक्षा को लेकर क्या सलाह दी है?
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जवाद ज़रिफ ने कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों ने यह साफ कर दिया है कि विदेशी सुरक्षा के भरोसे रहना खतरनाक है। उनके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- क्षेत्रीय सुरक्षा: ज़रिफ ने कहा कि पश्चिम एशिया के देशों को अपना सुरक्षा तंत्र खुद बनाना होगा क्योंकि सुरक्षा खरीदी या बाहर से नहीं मंगवाई जा सकती।
- पुरानी दोस्ती पर विचार: उन्होंने पड़ोसी देशों को सलाह दी कि वे पुराने समझौतों पर आँख बंद करके भरोसा करने के बजाय अपनी खुद की ताकत और आत्मनिर्भरता पर ध्यान दें।
- ईरान की मजबूती: उन्होंने बताया कि ईरान पिछले पांच दशकों से प्रतिबंधों, आतंकवाद और विदेशी हमलों का सामना कर रहा है और अब वह और भी मजबूत हुआ है।
दुबई और बेरूत में हालिया हमले और ट्रंप का बयान
क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि पिछले 48 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। इसराइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हवाई हमला किया है। वहीं दुबई पोर्ट पर एक बड़ा हादसा हुआ जहाँ कुवैत के झंडे वाले एक तेल टैंकर ‘Al-Salmi’ को निशाना बनाया गया जिससे उसे काफी नुकसान पहुँचा है।
दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विरोधाभासी बातें कही हैं। उन्होंने एक तरफ तो कहा कि ईरान के साथ डील होना मुमकिन है लेकिन साथ ही धमकी दी कि अगर बातचीत नाकाम रही तो वह ईरान पर भारी बमबारी करेंगे। ट्रंप ने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए शुरू किए गए सैन्य अभियान को रोक दिया है ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जवाद ज़रिफ ने शांति के लिए क्या प्रस्ताव दिया था
अप्रैल 2026 में ज़रिफ ने प्रस्ताव दिया था कि अगर अमेरिका और इसराइल सभी प्रतिबंध हटा लें और एक शांति समझौता करें तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित कर सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है।
दुबई में किस टैंकर पर हमला हुआ
दुबई पोर्ट पर कुवैत के झंडे वाले Al-Salmi क्रूड ऑयल टैंकर पर हमला हुआ जिससे उसे काफी नुकसान पहुँचा है।