ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी व्यवधान के बीच सऊदी अरब के पश्चिमी बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। साल 2026 की पहली तिमाही में सऊदी अरब के जाज़ान पोर्ट (Jazan Port) के जरिए होने वाले कार्गो हैंडलिंग में 44 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। समुद्री रास्तों में आए इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए पैदा हुई असुरक्षा को माना जा रहा है, जिसके कारण शिपिंग कंपनियों ने अपने मार्ग बदल दिए हैं।

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जाज़ान पोर्ट पर क्यों बढ़ा जहाजों का ट्रैफिक?

सऊदी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही में जाज़ान पोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में 44 प्रतिशत बढ़कर 3 लाख 17 हजार टन तक पहुंच गया है। फरवरी 2026 में शुरू हुए ईरान संघर्ष के बाद से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस रास्ते पर ईरान का कड़ा नियंत्रण है और वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए कई तरह की अनुमतियां अनिवार्य कर दी गई हैं। इस परेशानी से बचने के लिए शिपिंग कंपनियों ने सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर स्थित बंदरगाहों का उपयोग करना शुरू कर दिया है, जिससे जाज़ान पोर्ट पर ट्रैफिक अचानक बढ़ गया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और ताज़ा सैन्य गतिविधियां

क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। जून 2026 के पहले हफ्ते में अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे छह ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है। इसके अलावा, कुवैत और बहरीन ने भी अपनी सीमा की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोकने की बात कही है। बीते दिनों ईरान द्वारा एक अमेरिकी स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज को जब्त किए जाने के बाद से इस समुद्री मार्ग पर संकट और गहरा गया है। इन लगातार हो रही घटनाओं के कारण वैश्विक व्यापार और शिपिंग कंपनियां सुरक्षित ठिकानों के रूप में सऊदी बंदरगाहों को चुन रही हैं।

सऊदी अरब के बंदरगाहों की क्षमता और निवेश

सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी (Mawani) के अनुसार, विजन 2030 के तहत सऊदी अरब ने अपने बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे पर 8 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इस निवेश की बदौलत देश के बंदरगाहों की क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। हालांकि पहली तिमाही में सऊदी अरब के सभी बंदरगाहों पर कुल कार्गो हैंडलिंग में 4.11 प्रतिशत की सामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई जो कि 7.55 करोड़ टन रही, लेकिन भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से जाज़ान पोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ा उछाल देखने को मिला है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जाज़ान पोर्ट (Jazan Port) पर कार्गो वॉल्यूम बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?

ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी सैन्य तनाव के कारण जहाजों ने अपने रूट बदल दिए हैं और वे सऊदी अरब के पश्चिमी बंदरगाहों का उपयोग कर रहे हैं।

साल 2026 की पहली तिमाही में जाज़ान पोर्ट पर कितना व्यापार हुआ?

इस दौरान जाज़ान पोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम में 44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह कुल 3,17,000 टन तक पहुंच गया।

सऊदी अरब ने बंदरगाहों के विकास के लिए कितना निवेश किया है?

सऊदी अरब ने अपने विजन 2030 के तहत देश के बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.