कुवैत की जज़ीरा एयरवेज़ (Jazeera Airways) ने ढाका के लिए अपनी उड़ानों को फिर से शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही कुवैत और बांग्लादेश के बीच हवाई संपर्क एक बार फिर बहाल हो गया है। मौजूदा समय में जज़ीरा एयरवेज़ ही एकमात्र ऐसी एयरलाइन है जो कुवैत और बांग्लादेश के बीच अपनी सर्विस दे रही है। इस फैसले से कुवैत में रहने वाले हजारों प्रवासी कामगारों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने वाली है जो यात्रा की दिक्कतों का सामना कर रहे थे।

फ्लाइट का शेड्यूल और रूट की जानकारी

जज़ीरा एयरवेज़ की ये उड़ानें हफ्ते में तीन दिन संचालित की जाएंगी। कंपनी ने जानकारी दी है कि कॉमर्शियल उड़ानों की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 से होने जा रही है। ये उड़ानें ढाका जाने वाले यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होंगी क्योंकि इस समय कोई दूसरी एयरलाइन इस रूट पर मौजूद नहीं है। फ्लाइट्स का शेड्यूल कुछ इस तरह रहेगा:

  • उड़ान के दिन: यह सर्विस हर हफ्ते रविवार, मंगलवार और गुरुवार को उपलब्ध होगी।
  • रूट की जानकारी: यह उड़ान सऊदी अरब के दम्माम में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए संचालित होगी।
  • ट्रांसपोर्ट मॉडल: इसमें हवाई और ज़मीनी परिवहन दोनों का तालमेल इस्तेमाल किया जा सकता है।

यात्रियों के लिए जरूरी नियम और कुवैत सरकार की शर्तें

कुवैत आने वाले या यहाँ से यात्रा करने वाले यात्रियों को सरकार के स्वास्थ्य नियमों का पालन करना जरूरी होगा। कुवैत ने अगस्त 2021 में ही बांग्लादेश समेत कई देशों से उड़ानों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया था। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर से पहले सभी दस्तावेज़ तैयार रखें ताकि एयरपोर्ट पर कोई परेशानी न हो। यात्रा से जुड़ी मुख्य शर्तें नीचे दी गई हैं:

नियम का नाम विवरण
वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट इम्यून (Immune) या कुवैत मोबाइल आईडी ऐप पर सर्टिफिकेट होना चाहिए
मोबाइल एप्लीकेशन सभी यात्रियों के फोन में श्लोनिक (Shlonik) ऐप का होना अनिवार्य है
क्वारंटीन नियम बिना वैक्सीन वाले यात्रियों को 7 दिन का क्वारंटीन रहना होगा
PCR टेस्ट सातवें दिन टेस्ट कराकर क्वारंटीन की अवधि कम की जा सकती है

जज़ीरा एयरवेज़ के सीईओ बारथन पसुपति ने कहा है कि यह फैसला कुवैत में रहने वाले बांग्लादेशी समुदाय की मदद के लिए लिया गया है। वहीं कुवैत में बांग्लादेश के राजदूत मेजर जनरल सैयद तारिक हुसैन ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों को बड़ी मदद मिलेगी जिन्हें एमरजेंसी में घर जाना है या अपने परिवार से मिलना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.