US और Iran संघर्ष पर JD Vance का बड़ा बयान, कहा- तेल की कीमतें और परमाणु रोक हमारी दो बड़ी प्राथमिकताएं हैं.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर देश की दोतरफा रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने 13 अगस्त 2026 को एक इंटरव्यू के दौरान साफ किया कि अमेरिकी सरकार का मुख्य मकसद अमेरिकी नागरिकों के लिए तेल और गैस की कीमतें कम रखना है। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में स्थिरता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है ताकि व्यापार और आपूर्ति में कोई रुकावट न आए।
परमाणु हथियार रोकने के लिए कूटनीतिक और सैन्य कदम
अमेरिकी प्रशासन का दूसरा बड़ा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। इस बात पर जोर देते हुए JD Vance ने बताया कि अमेरिका इस दिशा में कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक हथियारों का बहुत ही चुनिंदा और रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है कि ईरान को परमाणु ताकत बनने से रोका जाए और क्षेत्रीय सुरक्षा पर आंच न आए.
युद्ध सचिव Pete Hegseth का अनिश्चितकालीन नौका नाकाबंदी का बयान
इस पूरे मामले से जुड़े घटनाक्रम में, युद्ध सचिव Pete Hegseth ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना के पास इतनी क्षमता है कि जरूरत पड़ने पर वह ईरानी बंदरगाहों की अनिश्चितकालीन नौका नाकाबंदी यानी naval blockade कर सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज किया है, जिसमें अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का दावा किया था, जबकि ईरान का कहना है कि यह जलमार्ग अभी भी उनके नियंत्रण और प्रबंधन के अधीन है.
ईरान का अनिश्चित स्वभाव और अमेरिका की रणनीतिक स्थिति
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने माना कि ईरान का स्वभाव काफी अस्थिर और अनिश्चित है, जिससे इस संघर्ष की प्रकृति थोड़ी जटिल हो गई है। हालांकि, उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम और जुड़ाव से एक मजबूत रणनीतिक स्थिति के साथ बाहर निकलेगा। इस तनाव का असर पूरी दुनिया के साथ-साथ उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां सफर करते हैं, क्योंकि ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालता है।