सऊदी अरब के जेद्दा पोर्ट पर जहाजों की आवाजाही काफी बढ़ गई है. हाल ही में, मार्च 28, 2026 को @SaudiNews50 के एक ट्वीट के अनुसार, 10 दिनों के अंदर 17 जहाज जेद्दा पोर्ट पहुंचे. ये जहाज पहले खाड़ी देशों के दूसरे पोर्ट्स की ओर जा रहे थे, लेकिन अब वे जेद्दा को अपना नया रास्ता बना रहे हैं. यह बदलाव क्षेत्र में चल रहे भू-राजनीतिक हालात और होर्मुज जलसंधि (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने के कारण हो रहा है.

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क्यों बढ़ रही है जेद्दा पोर्ट पर जहाजों की संख्या?

बता दें कि खाड़ी देशों तक माल पहुंचाने वाले समुद्री मार्गों पर बढ़ती चुनौतियों के कारण जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है. होर्मुज जलसंधि (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने से कई जहाज अब सऊदी अरब के लाल सागर पोर्ट्स, जैसे जेद्दा इस्लामिक पोर्ट (Jeddah Islamic Port) और किंग अब्दुल्ला पोर्ट (King Abdullah Port) का इस्तेमाल कर रहे हैं. सऊदी पोर्ट अथॉरिटी (“Mawani”) इन पोर्ट्स को मजबूत करने के लिए लगातार नई शिपिंग सेवाएं जोड़ रही है.

खाड़ी देशों पर क्या होगा असर?

इस बदलाव का असर संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर (Qatar), कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) जैसे खाड़ी देशों पर पड़ रहा है. पहले खाड़ी पोर्ट्स की ओर जाने वाले साठ से ज्यादा जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है. अब वे जेद्दा या अन्य लाल सागर पोर्ट्स पर उतर रहे हैं और फिर सड़क मार्ग से इन देशों तक सामान पहुंचाया जा रहा है. जेद्दा पोर्ट पर आने वाले सामान में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. यहां रिकॉर्ड 39 जहाज एक साथ संभालना इसकी क्षमता को दिखाता है.