जेद्दा में Gulf Cooperation Council (GCC) के देशों की एक बहुत ज़रूरी बैठक शुरू हुई है। इस मीटिंग में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अन्य देशों के नेताओं का स्वागत किया। सभी देश इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इलाके में सैन्य तनाव बढ़ रहा है और अपनी सुरक्षा को कैसे मज़बूत किया जाए।
जेद्दा समिट में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस मीटिंग का मुख्य मकसद इलाके में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों पर बात करना है। GCC देशों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि ईरान और उसके सहयोगी समूहों द्वारा किए गए हमलों का मिलकर जवाब कैसे दिया जाए। नेताओं ने कहा कि ईरान के नेतृत्व पर अब भरोसा नहीं रहा। साथ ही, Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्तों पर अस्थिरता को लेकर भी चिंता जताई गई।
कौन-कौन से बड़े नेता पहुंचे जेद्दा?
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने आने वाले मेहमानों का स्वागत किया। मीटिंग में GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदईवी और मक्का क्षेत्र के डिप्टी गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअज़ीज़ भी मौजूद थे। कुवैत की तरफ से क्राउन प्रिंस शेख सबाह खालिद अल-हमाद अल-सबाह और विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह पहुंचे। वहीं, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमन बिन जसीम अल-थानी भी इस अहम बैठक में शामिल हुए।
पाकिस्तानी मध्यस्थता और आगे की रणनीति
मीटिंग के दौरान पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता के प्रयासों पर भी बात की गई। छह सदस्य देश इस बात पर विचार कर रहे हैं कि ईरान के प्रति उनकी भविष्य की विदेश नीति क्या होगी। इसका मुख्य उद्देश्य GCC देशों की एकता को बनाए रखना और साझा खतरों से निपटना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जेद्दा में यह समिट क्यों बुलाई गई?
यह समिट इलाके में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है। इसमें खास तौर पर ईरान से जुड़े हमलों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर बात की जा रही है।
इस बैठक में किन देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
इस बैठक में सऊदी अरब, कुवैत और कतर समेत GCC के सभी छह सदस्य देशों के बड़े नेता और प्रतिनिधि जेद्दा में शामिल हुए।