Jeddah में GCC देशों की एक खास मीटिंग हुई जिसे Jeddah Consultative Summit कहा गया। इस मीटिंग की अध्यक्षता सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की। इसमें सभी सदस्य देशों ने बिजली को आपस में जोड़ने के प्रोजेक्ट पर जोर दिया ताकि पूरे क्षेत्र में बिजली की सप्लाई बेहतर हो सके।

GCC देशों के बीच बिजली कनेक्शन प्रोजेक्ट क्यों है जरूरी?

GCC नेताओं ने बिजली ग्रिड को आपस में जोड़ने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद सदस्य देशों के बीच बिजली का आदान-प्रदान आसान बनाना है। GCC Secretary-General Jassim Mohammed Al-Budaiwi ने बताया कि नेताओं ने GCC General Secretariat को आदेश दिया है कि बिजली के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी साझा प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

कौन से बड़े बिजली प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है?

इस दिशा में कुछ बड़े काम पहले से चल रहे हैं:

  • GCC-Oman Project: ओमान और GCC ग्रिड को जोड़ने का काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 700 मिलियन डॉलर है।
  • Saudi-Egypt Project: सऊदी और मिस्र के बीच बिजली कनेक्शन प्रोजेक्ट अप्रैल 2026 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। इसके जरिए 3000 मेगावाट तक बिजली का लेन-देन हो सकेगा और अभी इसकी टेस्टिंग चल रही है।

क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई?

मीटिंग के दौरान ईरान के साथ बढ़ते तनाव और GCC देशों व जॉर्डन पर हुए हमलों पर भी बात हुई। सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और जहाजों के रास्ते में रुकावट डालने की कोशिशों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सभी देशों ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की बात कही।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी-मिस्र बिजली प्रोजेक्ट की क्षमता कितनी है?

यह प्रोजेक्ट 3000 मेगावाट बिजली के आदान-प्रदान की सुविधा देगा और अप्रैल 2026 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।

ओमान बिजली इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट की कुल लागत क्या है?

GCC-ओमान इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 700 मिलियन डॉलर है, जिसे गल्फ पार्टनरशिप के जरिए फाइनेंस किया जा रहा है।