जेद्दा में GCC देशों की एक खास बैठक हुई है जिसमें क्षेत्र की सुरक्षा और ईरान के साथ चल रहे तनाव पर चर्चा की गई। सऊदी अरब की अध्यक्षता में हुई इस समिट का मकसद खाड़ी देशों के बीच एकजुटता लाना था। अब दुनिया की नजरें इस बैठक के अंतिम बयान पर टिकी हैं जो जल्द ही जारी किया जाएगा।
📰: Hormuz Strait में फंसे 2,000 जहाज, ईरान के नए नियम और अमेरिका की नाकेबंदी से बढ़ी मुसीबत।
जेद्दा समिट में क्या रहा मुख्य एजेंडा?
इस बैठक में मुख्य रूप से ईरान द्वारा GCC देशों के बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों और समुद्री सुरक्षा पर बात हुई। Strait of Hormuz में हो रही रुकावटों और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के लिए रणनीति बनाई गई। सऊदी अरब ने इस सत्र की अध्यक्षता की और सदस्य देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा और एकजुटता पर जोर दिया। बैठक का लक्ष्य साझा खतरों के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार करना था।
अन्य देशों और नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने कहा कि यह समिट क्षेत्रीय स्थिति पर खाड़ी देशों के एक साझा नजरिए को पेश करती है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान के ‘हॉर्मुज-फर्स्ट’ प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान परमाणु हथियार बनाने से रुकेगा। ओमान के विदेश मंत्री ने 27 अप्रैल को भरोसा जताया था कि शांति समझौता जल्द हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जेद्दा समिट का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान के हमलों के बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा को मजबूत करना और एक साझा विदेश नीति बनाना था ताकि समुद्री व्यापार और बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।
क्या समिट की फाइनल रिपोर्ट जारी हो गई है?
28 अप्रैल 2026 तक की जानकारी के अनुसार, अंतिम बयान जारी होने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसका पूरा टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।