वेस्ट बैंक में यहूदी कार्यकर्ताओं का बड़ा कदम, फिलिस्तीनी गांवों में सुरक्षा के लिए दे रहे हैं पहरा.

Nura Basta22 August 20262 min read46 viewsWorld
वेस्ट बैंक में यहूदी कार्यकर्ताओं का बड़ा कदम, फिलिस्तीनी गांवों में सुरक्षा के लिए दे रहे हैं पहरा.

वेस्ट बैंक के गांवों में इन दिनों एक नई पहल देखने को मिल रही है जहां यहूदी कार्यकर्ता फिलिस्तीनी इलाकों में सुरक्षा कवच बनकर खड़े हो रहे हैं। Center for Jewish Nonviolence, Bnei Avraham और Rabbis for Human Rights जैसे संगठनों से जुड़े ये लोग बस्तियों में रहने वाले स्थानीय लोगों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं। 22 अगस्त 2026 को जारी एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि ये कार्यकर्ता उन इलाकों में सक्रिय हैं जहां हिंसा और हमलों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। जॉर्डन वैली और मासाफेर यट्टा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इन कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से आम लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है ताकि वे बिना डर के अपना जीवन बिता सकें और उन्हें बाहरी हमलों से बचाया जा सके।

हिंसा के मामलों में भारी बढ़ोतरी

इस बीच मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने वेस्ट बैंक के हालात पर गंभीर चिंता जताई है। इजरायली मानवाधिकार संगठन Yesh Din की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में सामने आए कुल मामलों में से लगभग दो-तिहाई हिंसा वेस्ट बैंक के एरिया ए और बी में दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2025 की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार साल 2026 के पहले छह महीनों में उग्रवादी तत्वों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में 63 प्रतिशत की भारी तेजी आई है और इस दौरान कुल 660 हमले रिकॉर्ड किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी OCHA की रिपोर्ट बताती है कि 20 अगस्त 2026 तक हर दिन औसतन 6.6 हमले हो रहे थे जिनमें लोगों को चोटें पहुंच रही थीं और संपत्तियों का नुकसान हो रहा था। 11 अगस्त 2026 तक इस साल वेस्ट बैंक में मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर 76 हो चुकी है जिनमें 18 बच्चे भी शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया

हाल ही में इजरायल द्वारा नई बस्तियों के निर्माण के लिए 1,234 नए यूनिट्स के टेंडर जारी किए जाने के बाद पूरी दुनिया में इसकी आलोचना हो रही है। इस मामले की पूरी जानकारी Qatar News Agency की रिपोर्ट में दी गई है जिसके अनुसार ब्रिटेन के विदेश मंत्री Ed Miliband ने इस विस्तार को बेहद नुकसानदेह बताया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि इस काम में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इससे पहले 11 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी Ramiz Alakbarov ने चेतावनी दी थी कि वेस्ट बैंक इस समय बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और वहां हालात कभी भी बेकाबू हो सकते हैं। Human Rights Watch ने भी अपनी रिपोर्ट में इजरायली सरकार पर इन हमलों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और अपील की है कि दोषियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं तथा हथियारों की सप्लाई रोकी जाए। वहीं दूसरी ओर इजरायली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी माना है कि अगर इन हमलों को नहीं रोका गया तो स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है।

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