Iran में फंसे 1500 भारतीय छात्रों की वापसी की मांग तेज, JKSA ने दिल्ली में ईरानी राजदूत से की मुलाकात
सोमवार 9 मार्च 2026 को जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के नेशनल कन्वीनर नासिर खुएहामी ने दिल्ली में ईरानी राजदूत मोहम्मद फतह अली से मुलाकात की. यह मीटिंग ईरान में चल रहे अमेरिका-इजरायल हवाई हमलों के बीच वहां फंसे करीब 1100 से 1500 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए की गई. भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर ईरानी अधिकारी इन छात्रों को जल्द से जल्द सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.
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ईरान में फंसे छात्रों का क्या है मौजूदा हाल
वहां फंसे ज्यादातर छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं जो कोम, उर्मिया, अराक और इस्फ़हान जैसे शहरों में रह रहे हैं. ये छात्र 5 मार्च को होने वाले उलूम्पया (Uloompaya) एग्जाम के लिए वहां रुके थे जिसे हमलों के कारण टालना पड़ा. तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास फिलहाल स्पेशल बसों के जरिए इन छात्रों को कोम (Qom) में सुरक्षित जगहों पर भेज रहा है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी साफ किया है कि छात्रों को सुरक्षित निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता है और यह काम धीरे-धीरे किया जा रहा है.
घर वापसी में आ रही मुश्किलें और टिकट का खर्च
भारतीय दूतावास ने छात्रों को सड़क के रास्ते आर्मेनिया या अजरबैजान जाने की सलाह दी है, लेकिन यह सफर उन्हें अपने रिस्क और खर्चे पर करना होगा. छात्र संगठनों (AIMSA) के मुताबिक आर्मेनिया से भारत आने वाली फ्लाइट का टिकट इस समय 1.2 लाख रुपये के पार पहुंच गया है, जो आम परिवारों के लिए एक बड़ी परेशानी है. आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 से अब तक भारत सरकार ने पश्चिम एशिया से 67,000 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है.
इमरजेंसी के लिए जारी किए गए नए हेल्पलाइन नंबर
तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां फंसे नागरिकों और छात्रों की मदद के लिए कुछ नए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर चालू किए हैं ताकि कोई भी सीधे संपर्क कर सके.
- हेल्पलाइन 1: +989128109115
- हेल्पलाइन 2: +989128109109
- हेल्पलाइन 3: +989932179359
इस मीटिंग के दौरान नासिर खुएहामी ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर शोक भी जताया. ईरान के प्रतिनिधि हुज्जत-उल-इस्लाम अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भरोसा दिया है कि सभी विदेशी छात्रों को युद्ध वाले इलाकों से सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम ईरान सरकार तेजी से कर रही है.




