मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। 29 जुलाई 2026 को ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सेना के बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि उन्होंने ईरान की तरफ से आई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इस घटना में किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। जॉर्डन सरकार ने साफ किया है कि वे अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं।

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अमेरिका ने किया पलटवार

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह अमेरिकी सेना की कथित आक्रामक कार्रवाई का बदला था। इसके जवाब में, 30 जुलाई 2026 को अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर भारी हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली सुविधाओं के साथ-साथ कई तटीय रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया।

इराक में भी कार्रवाई

अमेरिकी हमले के दौरान ईरान के सीमावर्ती इलाकों में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही, 29 जुलाई 2026 को अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर साझा स्ट्राइक की। इस कार्रवाई में लगभग 20 लड़ाके और छह ईरानी सलाहकार मारे गए। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य बलों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com