Jordan में शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को बड़ा तनाव देखने को मिला जब देश की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागे गए सात मिसाइल और छह ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। आधिकारिक सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस हमले में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ और न ही किसी तरह का कोई नुकसान हुआ है। मलबे को हटाने के लिए Royal Engineering Corps की टीमों को तुरंत तैनात किया गया ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके।
ईरान का दावा और क्षेत्रीय तनाव
ईरान की सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने Bahrain और Jordan में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। ईरान का दावा है कि उनके निशाने पर Sheikh Isa Air Base और Muwaffaq Salti Air Base थे। वहीं दूसरी ओर, Bahrain के रक्षा बलों ने भी ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
यह घटनाक्रम 2026 Iran War के बीच हो रहा है, जो 8 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा सीजफायर खत्म करने के ऐलान के बाद और तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह लगातार 13वीं रात थी जब अमेरिकी बलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की। अब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है और जॉर्डन के सशस्त्र बल अपनी सीमा की निगरानी कर रहे हैं।
