सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास और मिशन प्रमुख के आवास को निशाना बनाया गया है. इस हमले और यूएई के राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की खबर सामने आने के बाद जॉर्डन ने इसकी सख्त शब्दों में निंदा की है. जॉर्डन सरकार ने कहा है कि राजनयिकों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन होना चाहिए. इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

जॉर्डन ने क्या कहा और क्यों है यह गंभीर?

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद मजली ने रविवार 5 अप्रैल 2026 को एक बयान जारी कर इस घटना पर दुख जताया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दूतावासों और वहां काम करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय सरकार की होती है. इस हमले में यूएई के राष्ट्रीय प्रतीकों का भी अपमान किया गया, जिसे जॉर्डन ने पूरी तरह गलत ठहराया है. जॉर्डन की पेट्रा न्यूज एजेंसी ने इस आधिकारिक बयान की पुष्टि की है और सुरक्षा की मांग दोहराई है.

वियना कन्वेंशन और सुरक्षा के नियम

जॉर्डन ने सभी देशों से अपील की है कि वे 1961 के वियना कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करें. इन नियमों के तहत किसी भी देश के दूतावास और उसके राजनयिकों को सुरक्षा देना अनिवार्य है. घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

  • यह हमला सीरिया के दमिश्क में स्थित यूएई दूतावास और मिशन प्रमुख के घर पर हुआ.
  • जॉर्डन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और 1961 वियना कन्वेंशन के पालन की मांग की है.
  • यूएई के राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की भी जॉर्डन ने सख्त निंदा की है.
  • फुआद मजली ने राजनयिक परिसरों के लिए पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.