ईरान की तरफ से सऊदी अरब के तेल टैंकर और कतर के एलएनजी जहाज पर हमला किया गया है। यह हमला ओमान के तट के पास Strait of Hormuz में हुआ। इस घटना के बाद जॉर्डन ने ईरान की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने वाला कदम बताया है।
जॉर्डन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने 7 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है। जॉर्डन ने सऊदी अरब के साथ खड़े होने की बात कही है और उसकी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया है।
समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ये दोनों हमले मंगलवार को एक साथ हुए। हमलों के समय और जगह को देखकर लगता है कि यह तेल और गैस के रास्तों को निशाना बनाने की एक सोची-समझी योजना थी। इस हमले में सऊदी अरब के टैंकर को नुकसान पहुँचा है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।
इससे पहले मई 2026 में भी ऐसा ही हुआ था, जब ईरान ने UAE के एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया था और तब भी जॉर्डन ने इसका विरोध किया था। यह खबर सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) और सरकारी चैनलों के जरिए सामने आई है। सऊदी अरब और कतर अब अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।
