कुवैत पर हाल ही में हुए हवाई हमलों को लेकर खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। सोमवार, 1 जून 2026 को जॉर्डन ने कुवैत पर हुए बार-बार के ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को कुवैत की संप्रभुता और सुरक्षा का सीधा उल्लंघन बताया है। जॉर्डन ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है और कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कुवैत द्वारा उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

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कुवैत पर कैसे हुआ हमला और बाकी देशों ने क्या कहा?

सोमवार, 1 जून 2026 की सुबह कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया। इस घटना के बाद कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान को इस हमले के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी अरब ने भी कुवैत पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इस हमले को एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया है जो क्षेत्र की शांति को नुकसान पहुंचा सकता है।

अमेरिकी ठिकानों और ईरान के दावे को लेकर बड़ा अपडेट

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर दागी गई दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया। सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि इन हमलों से कुवैत में अली अल सलेम एयरबेस और कैंप आरिफजान सहित कुछ सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने उस एयरबेस को निशाना बनाया है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ कर रही थी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अपनी आत्मरक्षा का अधिकार बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जॉर्डन ने कुवैत पर हुए हमले को लेकर क्या बयान दिया है?

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का पूरा समर्थन करने की घोषणा की है।

कुवैत में किन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है?

सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस (Ali Al Salem Airbase) और कैंप आरिफजान (Camp Arifjan) सहित कुछ सैन्य साइटों को नुकसान पहुंचा है।