जॉर्डन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली को अस्थिर करने की एक आतंकवादी साजिश की कड़ी निंदा की है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में जॉर्डन ने इस साजिश को सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया और UAE के साथ अपनी एकजुटता दोहराई। जॉर्डन ने स्पष्ट किया कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए UAE द्वारा उठाए गए हर कदम के साथ मजबूती से खड़ा है।
साजिश के पीछे किसका हाथ था और क्या था मकसद?
UAE की सुरक्षा एजेंसी (SSA) ने हाल ही में एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था जो बाहरी ताकतों के इशारे पर काम कर रहा था। इस नेटवर्क ने देश की अर्थव्यवस्था में घुसपैठ करने और वित्तीय ढांचे को कमजोर करने की योजना बनाई थी।
- यह नेटवर्क कथित तौर पर हिजबुल्लाह और ईरान से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
- इन लोगों ने एक फर्जी बिजनेस कवर बनाकर देश के भीतर अपना काम शुरू किया था।
- इनका मुख्य मकसद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए फंड जुटाना था।
- UAE की वित्तीय प्रणाली को नुकसान पहुँचाना इस पूरी साजिश का मुख्य हिस्सा था।
- सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इस पूरे नेटवर्क को खत्म कर दिया है।
जॉर्डन और अन्य देशों ने सुरक्षा पर क्या कहा?
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने पेट्रा न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से कहा कि वह UAE की संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी कोशिश का विरोध करता है। मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना UAE का अधिकार है और जॉर्डन इसमें पूरा समर्थन देगा। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और हिजबुल्लाह की भूमिका की निंदा करते हुए जांच में सहयोग की पेशकश की है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए भी सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी खबर है क्योंकि किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता वहां रहने वाले प्रवासियों पर सीधा असर डालती है।
