जॉर्डन सरकार ने देश में चल रहे क्षेत्रीय तनाव और ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकारी मंत्रालयों और संस्थानों में एयर कंडीशनर (AC) और हीटिंग के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया है। यह कदम युद्ध जैसी स्थितियों के बीच बिजली की खपत को कम करने और ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। मार्च 2026 के दौरान सरकार लगातार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई कड़े फैसले ले रही है ताकि जनता को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।

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बिजली की बचत के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

जॉर्डन के ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय ने सभी सरकारी संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे ऊर्जा की खपत को सीमित करें। सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे पीक आवर्स के दौरान भारी बिजली उपकरणों का उपयोग करने से बचें। National Electric Power Company (NEPCO) को आपातकालीन स्थिति के लिए डीजल का रिजर्व स्टॉक तैयार रखने को कहा गया है। बिजली ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए एयर कंडीशनर को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाने की सलाह पहले ही दी जा चुकी है।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की नई रणनीति

क्षेत्रीय युद्ध के हालातों को देखते हुए जॉर्डन कैबिनेट ने बिजली सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। इसके तहत कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं:

  • Jordanian Logistics Company को नेशनल पावर कंपनी के लिए टैक्स फ्री डीजल और फ्यूल ऑयल आयात करने की इजाजत दी गई है।
  • देश के बिजली घरों को आदेश दिया गया है कि वे कम से कम 30 दिनों का वैकल्पिक ईंधन स्टॉक हमेशा तैयार रखें।
  • ऊर्जा मंत्री Dr. Saleh Al-Kharabsheh ने आश्वासन दिया है कि नेशनल ग्रिड पूरी तरह सुरक्षित है और फिलहाल सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट नहीं है।
  • सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और प्राकृतिक गैस जैसे अलग-अलग स्रोतों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि बाहरी संकट का असर कम हो।
  • सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के इस फैसले से होने वाली बचत को अन्य जरूरी सेवाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।

क्षेत्रीय तनाव और बिजली व्यवस्था पर असर

फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए क्षेत्रीय तनाव और युद्ध की वजह से जॉर्डन अपनी आर्थिक और ऊर्जा नीतियों में बदलाव कर रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए बिजली की कमी न हो। जॉर्डन की लॉजिस्टिक्स कंपनियों को तेल सुविधाओं के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि ईंधन की आपूर्ति बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह एक एहतियाती कदम है ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी समस्या से बचा जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.