जॉर्डन में गुरुवार तड़के एक बड़ा हमला हुआ जब ईरान की ओर से 20 मिसाइलें दागी गईं. जॉर्डन की वायु सेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. यह हमला जॉर्डन के ज़रका गवर्नर इलाके के अज़राक़ क्षेत्र की तरफ किया गया था.
हमले का विवरण और नुकसान
जॉर्डन की सेना के जनरल कमांड के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद उनके मलबे जमीन पर गिरे. राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. सेना की इंजीनियरिंग टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि मलबे को हटाया जा सके और यह पक्का किया जा सके कि वहां कोई विस्फोटक सामग्री बाकी न हो.
ईरान का दावा और अमेरिकी कनेक्शन
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. ईरान का कहना है कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी बेस को निशाना बनाया जहां F-35, F-15 और F-16 फाइटर जेट तैनात हैं. IRGC के मुताबिक यह हमला ईरान की धरती पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का जवाब था.
इलाके में बढ़ता तनाव
यह घटना उस समय हुई है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है. अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन सहित कई जगहों पर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 जून को बयान दिया था कि ईरान ने बातचीत में बहुत समय लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी. जॉर्डन की सेना ने साफ किया है कि वे अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
जॉर्डन में ईरान ने कितनी मिसाइलें दागी थीं
ईरान ने गुरुवार तड़के जॉर्डन के अज़राक़ इलाके की तरफ 20 मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें जॉर्डन की वायु सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया.
ईरान ने इस हमले का क्या कारण बताया
ईरान के IRGC ने कहा कि यह हमला अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब था और इसका उद्देश्य जॉर्डन में तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों के बेस को नष्ट करना था.
