जॉर्डन ने 13 जुलाई 2026 को यह जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से आई चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। ये मिसाइलें तड़के जॉर्डन की सीमा में घुस आई थीं। जॉर्डन की सेना ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी बड़ी संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। मिसाइल के टुकड़े देश के अलग-अलग हिस्सों में गिरे, जिन्हें रॉयल इंजीनियरिंग कॉर्प्स ने अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरान और अमेरिका के दावों में अंतर
जॉर्डन के सरकारी समाचार संस्थान Petra के जरिए सैन्य अधिकारियों ने कहा कि जॉर्डन अपनी संप्रभुता और एयरस्पेस की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और दावा किया कि ये हमले अमेरिका की पिछली कार्रवाई का बदला लेने के लिए किए गए थे। उनका आरोप था कि उन्होंने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
दूसरी ओर, एक अमेरिकी अधिकारी ने ईरान के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी अमेरिकी सैनिक को कोई चोट आई है। यह घटना साल 2026 में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जबकि जून महीने में ही एक संघर्ष विराम समझौता हुआ था जिसे अब अमेरिका ने खत्म घोषित कर दिया है।
