जॉर्डन के आसमान में बुधवार सुबह एक बड़ी घटना देखने को मिली, जहाँ ईरान की ओर से दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को जॉर्डन की सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया। ये मिसाइलें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा 28 जुलाई की शाम को छोड़ी गई थीं। इनका मुख्य निशाना जॉर्डन में मौजूद US Forces का मुवाफाक साल्टी एयर बेस था।
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हमले की पूरी जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घटना को अमेरिका के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश बताया है। जॉर्डन के सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी Rules of Engagement का पालन करते हुए सभी मिसाइलों को मार गिराया गया। राहत की बात यह है कि इस घटना में न तो कोई जान गई और न ही किसी संपत्ति का नुकसान हुआ। अमेरिकी सेना ने भी पुष्टि की है कि उनका कोई भी जवान या सैन्य संपत्ति सुरक्षित है और कोई नुकसान नहीं हुआ है।
ईरान और अन्य देशों का रुख
दूसरी ओर, ईरान के IRGC ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और इसे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है। हालाँकि, उन्होंने जॉर्डन द्वारा मिसाइलें गिराए जाने के दावों को खारिज किया है। इस घटना के दौरान ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है, क्योंकि उसी दिन अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ कार्रवाई की है। कतर ने भी इस हमले की निंदा की है और जॉर्डन की सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
