जॉर्डन की रॉयल एयरफोर्स ने पिछले 24 घंटों में ईरान की तरफ से आए दो ड्रोन को मार गिराया है। सरकारी पेट्रा न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि हालांकि एक ड्रोन और एक मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में कामयाब रहे। जॉर्डन की सेना का कहना है कि यह हमले उनकी संप्रभुता का उल्लंघन हैं और वे अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जॉर्डन के साथ-साथ अब अन्य गल्फ देशों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हमलों से जुड़ी बड़ी जानकारी और आंकड़े

जॉर्डन की सेना ने अपनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की है। पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है।

कुल हमले (5 हफ्ते) 281 ड्रोन और मिसाइल
सफल इंटरसेप्ट 261 मार गिराए गए
नुकसान की रिपोर्ट 18 मलबे गिरने की घटनाएं
ब्रिटेन की मदद RAF टाइफून विमान तैनात

सेना के अधिकारी मुस्तफा अल-हियारी ने बताया कि मिसाइलों के फेल होने का रेट 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक है। इसका मतलब है कि कई मिसाइलें अपने आप ही आबादी वाले इलाकों में गिर सकती हैं जिससे आम लोगों को खतरा है।

गल्फ देशों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?

इन हमलों का असर जॉर्डन के पड़ोसी देशों पर भी देखा जा रहा है। ईरान के ड्रोन और मिसाइलों के मलबे गिरने की वजह से अबू धाबी, बहरीन और कुवैत के कुछ प्लांट में आग लगने की खबरें आई हैं।

  • सऊदी अरब ने भी एक ईरानी क्रूज मिसाइल को हवा में ही तबाह कर दिया है।
  • कुवैत और बहरीन में स्टोरेज वाली जगहों पर मलबे गिरने से नुकसान हुआ है।
  • खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
  • पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कोई अनजान वस्तु या मिसाइल का टुकड़ा दिखे तो उसे हाथ न लगाएं।

जॉर्डन ने अब अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे मित्र देशों के साथ रक्षा समझौतों को एक्टिव कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि वे किसी भी विदेशी हमले को अपनी धरती पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और एयर स्पेस की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.