16 जुलाई 2026 की सुबह मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया जब ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों ने जॉर्डन की सीमा में प्रवेश किया। जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 8 ईरानी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। इस घटना की पुष्टि जॉर्डन के सशस्त्र बलों के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने की है।
कोई जनहानि नहीं
जॉर्डन की सेना ने बताया कि इस कार्रवाई में किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल, रॉयल इंजीनियरिंग कोर की टीमें अलग-अलग इलाकों में गिरे मिसाइल के मलबे को हटाने और सुरक्षित करने का काम कर रही हैं। जॉर्डन के सशस्त्र बल अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं और हर खतरे पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
क्यों बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान की सेना ने दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित US Al-Azraq Air Base पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन हमले किए। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई है। इसके अलावा, ईरान ने बहरीन और कुवैत को भी अपने हमलों का निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, जॉर्डन ने अपनी जमीन पर हुई इस घटना को आधिकारिक रूप से अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा है।
