Jordan के सशस्त्र बलों ने 16 जुलाई 2026 की सुबह एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। जॉर्डन की एयर डिफेंस यूनिट ने ईरान की तरफ से आ रही 8 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। देश की सीमा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और हाई अलर्ट पर काम कर रही है।
लगातार हो रहे हमले
क्षेत्रीय तनाव के बीच यह घटना सामने आई है। ईरान के सैन्य बलों और IRGC ने यह दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, जिसमें जॉर्डन का Al-Azraq Air Base भी शामिल था। ईरान का कहना है कि यह कदम ईरान में एक बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में उठाया गया है।
लगातार बढ़ रहा तनाव
जॉर्डन में पिछले कुछ दिनों से इस तरह की घटनाएं लगातार देखी जा रही हैं। 15 जुलाई को जॉर्डन ने 3 मिसाइलों को मार गिराया था, जबकि 12 जुलाई को 3 मिसाइलें जॉर्डन की सीमा के भीतर गिरी थीं जिससे मामूली नुकसान हुआ था। इसके अलावा 9 जुलाई को भी मिसाइल हमले के दौरान पूरे देश में सायरन बजाए गए थे। रॉयल इंजीनियरिंग कॉर्प्स की टीमें अब उन इलाकों में मलबे को इकट्ठा कर रही हैं जहां मिसाइलें गिरी थीं। तनाव केवल जॉर्डन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ईरान की ओर से Kuwait और Bahrain में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी उत्तरी ईरान में हमले तेज कर दिए हैं।
