जॉर्डन के आसमान में गुरुवार सुबह भारी हलचल रही जब ईरान की तरफ से 20 मिसाइलें दागी गईं. जॉर्डन की एयर डिफेंस टीम और Royal Jordanian Air Force ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. यह हमला जॉर्डन के ज़रका गवर्नरते के अज़राक इलाके में किया गया था.
जॉर्डन में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
जॉर्डन सेना के एक जिम्मेदार सैन्य सूत्र ने बताया कि गुरुवार, 11 जून 2026 की सुबह ईरान से 20 मिसाइलें जॉर्डन के अज़राक इलाके की ओर भेजी गईं. इन मिसाइलों को समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया गया, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. मिसाइलों के मलबे को हटाने के लिए इंजीनियरिंग टीमों को तैनात किया गया ताकि यह जांचा जा सके कि उनमें कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं बची है.
ईरान ने क्यों किया हमला और क्या दावा किया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. ईरान का कहना है कि उन्होंने उस बेस को निशाना बनाया जहां अमेरिका के F-35, F-15 और F-16 फाइटर जेट तैनात थे. ईरान ने यह कदम अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया है. इसके अलावा IRGC ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत और बहरीन के अमेरिकी ठिकानों और पैट्रियट सिस्टम को भी निशाना बनाया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में अज़राक बेस पर हमले के दावे को गलत बताया गया है.
अमेरिका और जॉर्डन का इस पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को कहा था कि ईरान ने डील करने में बहुत समय लगा दिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी. वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा है कि वे क्षेत्रीय हालातों पर पैनी नज़र रख रहे हैं. जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा की रक्षा के लिए पूरी तैयारी रखी है और किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
जॉर्डन ने कुल कितनी मिसाइलें गिराईं?
जॉर्डन ने गुरुवार सुबह 20 मिसाइलें गिराईं. इससे पहले बुधवार, 10 जून को भी ईरान की ओर से आई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया था.
ईरान ने किन देशों के अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है?
ईरान के IRGC ने जॉर्डन के अलावा कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों, संचार सुविधाओं और पैट्रियट सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया है.
