अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जॉर्डन की सेना ने अपने जरका प्रांत के ऊपर आ रहे ईरान के 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। इस हमले में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने समेत कुल 21 ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं।

ℹ️: Oman Inflation: ओमान में महंगाई पर छिड़ी बड़ी बहस, अब जरूरी सामानों के दाम काबू करने के लिए सरकार उठाएगी कड़े कदम.

जॉर्डन और बहरीन ने कैसे नाकाम किया ईरान का हमला?

जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने अपने अल-अज़राक इलाके को निशाना बनाकर दागे गए पांच ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। जॉर्डन के सैन्य बल मलबे को हटाने और उसकी जांच करने के काम में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही बहरीन की वायु सेना ने भी अपने ऊपर हुए ईरानी ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है। कुवैत में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं और वहां की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने जवाबी कार्रवाई की। जॉर्डन की सेना ने अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुद को हाई अलर्ट पर रखा है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की असली वजह क्या है?

इस ताज़ा विवाद की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है, जबकि ईरान का कहना है कि यह तकनीकी खराबी के कारण हुआ हादसा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका इसका जवाब जरूर देगा। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना यानी CENTCOM ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम पर हवाई हमले किए, जिसे उन्होंने आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है।

ईरान और अमेरिकी सेना के दावों में क्या है अंतर?

  • ईरान के दावे: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन के अल-अज़राक बेस पर F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्शची ने कहा है कि उनके सशस्त्र बल किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
  • अमेरिका का रुख: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद दोनों क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। अमेरिका इस बात की जांच कर रहा है कि हेलीकॉप्टर सच में गिराया गया था या यह केवल एक तकनीकी दुर्घटना थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जॉर्डन ने ईरान के कितने मिसाइलों को नष्ट किया है?

जॉर्डन की वायु सेना ने अपने जरका प्रांत के अल-अज़राक इलाके की तरफ बढ़ रहे ईरान के 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।

बहरीन में अमेरिका के किस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया गया है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर ड्रोन हमले का दावा किया है जिसे बहरीन ने नाकाम कर दिया।

अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर की घटना कब और कहां हुई?

यह घटना 9 जून 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया।