जॉर्डन के आसमान में अचानक ईरान की मिसाइलें घुस आईं, जिससे पूरे देश में खतरे के सायरन बजने लगे। इस घटना से लोगों में डर का माहौल बन गया, लेकिन जॉर्डन की सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद स्थिति को काबू में कर लिया गया है और किसी भी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
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जॉर्डन सरकार के संचार मंत्री और प्रवक्ता Mohammad Momani ने बताया कि Public Security Directorate ने मिसाइलों के आने की खबर मिलते ही सायरन बजाए थे। उन्होंने कन्फर्म किया कि जॉर्डन की सेना ने लगभग 8 मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और खतरे को खत्म कर दिया। राहत की बात यह है कि देश के अंदर किसी भी तरह के नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं मिली है।
यह हमला ईरान द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले अमेरिका ने ईरान के करीब 90 ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिनमें मिसाइल, ड्रोन और समुद्री खतरों से जुड़ी साइट्स शामिल थीं। इस तनाव के बीच अम्मान में अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को अलर्ट जारी कर सुरक्षित ठिकानों पर रहने की सलाह दी थी। इसी दिन कुवैत और बहरीन जैसे अन्य खाड़ी देशों ने भी ईरान की मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने की बात कही।
दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी मिसाइल ने Bushehr Nuclear Power Plant के बाहरी इलाके और Bushehr प्रांत के अन्य हिस्सों को निशाना बनाया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में हुए अमेरिकी हमलों में देश के दक्षिणी हिस्से में 14 लोगों की मौत हुई है।
मंत्री Momani ने जोर देकर कहा कि जॉर्डन की सेना इस समय पूरी तरह अलर्ट पर है। सरकार ने साफ किया है कि वे देश की सुरक्षा और नागरिकों की जान बचाने के लिए हर तरह से तैयार हैं और किसी भी नए खतरे से निपटने के लिए सेना मुस्तैद है।
