जॉर्डन के आसमान में 29 जुलाई 2026 की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब ईरान की ओर से दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलें वहां के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं। ये मिसाइलें मुख्य रूप से जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सेना के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए छोड़ी गई थीं। हालांकि, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी तत्परता दिखाते हुए इन सभी पांचों मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
घटना की आधिकारिक पुष्टि और सुरक्षा व्यवस्था
जॉर्डन के सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइलों का पता चलते ही एयर डिफेंस यूनिट्स ने तुरंत कार्रवाई की। जॉर्डन ने साफ किया कि वे अपने देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। दूसरी तरफ, अमेरिका के CENTCOM ने भी इसकी पुष्टि की है कि ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने मिसाइलें दागी थीं, लेकिन किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी संपत्ति को नुकसान हुआ है।
ईरान का पक्ष और बढ़ता तनाव
ईरान की Tasnim News Agency ने इस हमले को स्वीकार किया है और बताया कि यह हमला अमेरिकी ठिकानों पर किया गया था। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में थी। यह तनावपूर्ण स्थिति 28 जुलाई को इराक में ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ हुई अमेरिकी कार्रवाई के बाद पैदा हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
