ईरान और Gulf देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। 19 जुलाई 2026 को Jordan ने एक बड़ा ऐलान करते हुए Gulf देशों को पूरा समर्थन देने की बात कही है। Jordan का कहना है कि वे अपने क्षेत्र की सुरक्षा और अपने नागरिकों की हिफाजत के लिए Gulf देशों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। यह फैसला तब लिया गया है जब हाल के दिनों में लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं।

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Jordan और Gulf देशों पर हवाई हमले

19 जुलाई को Jordan की सेना ने ईरान की तीन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि एक मिसाइल सुनसान इलाके में गिरी। कुवैत और बहरीन में भी खतरे के सायरन बजते रहे। इससे पहले 18 जुलाई को ईरान ने कुवैत में एक पानी साफ करने वाले प्लांट पर हमला किया और मिसाइल हमले के कारण कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम रोकना पड़ा। ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री कैंप Camp Arifjan पर भी हमले का दावा किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा और जवाबी कार्रवाई

Jordan के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने इन हमलों को गैर-कानूनी और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। Qatar और Saudi Arabia ने भी साफ तौर पर इन हमलों की निंदा की और ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। तनाव बढ़ता देख अमेरिका ने 19 जुलाई को ईरान के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान के उस हमले के जवाब में की गई है जिसमें Jordan में अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। यूरोपियन यूनियन और GCC ने भी एक सुर में कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सभी देशों को आने-जाने का पूरा हक है और ईरान का इस पर कोई दावा मान्य नहीं है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.