जॉर्डन में एक बार फिर खतरे के सायरन बजने से हड़कंप मच गया है। 3 अप्रैल 2026 को जॉर्डन के अलग-अलग इलाकों में सायरन की आवाजें सुनी गईं जिससे आम जनता और प्रवासियों में चिंता देखी गई। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है और कुवैत, सऊदी अरब के साथ-साथ अबू धाबी में भी हमलों की धमकी दी है। इस तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने की पुष्टि की है।

जॉर्डन के नागरिकों और प्रवासियों के लिए क्या हैं सरकारी निर्देश?

जॉर्डन की Public Security Directorate (PSD) ने सायरन की आवाजों को लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की है ताकि लोग घबराएं नहीं। प्रशासन ने खतरे के दौरान सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है:

  • तीन बार रुक-रुक कर सायरन: इसका मतलब है कि क्षेत्र में कोई सक्रिय खतरा मौजूद है और आपको तुरंत बचाव करना चाहिए।
  • एक लंबी लगातार घंटी: यह संकेत देता है कि अब खतरा टल चुका है और स्थिति सुरक्षित है।
  • सुरक्षा के उपाय: सायरन की आवाज सुनते ही अगर आप घर से बाहर हैं तो तुरंत पास की किसी मजबूत इमारत में शरण लें।
  • संदिग्ध वस्तुएं: जमीन पर गिरे किसी भी मलबे या संदिग्ध चीज को हाथ न लगाएं क्योंकि उसमें विस्फोटक सामग्री हो सकती है।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

जॉर्डन में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हवाई अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। मार्च के आखिरी हफ्ते में करीब 41 बार सायरन बजाए गए थे जो आसमान में उड़ते मिसाइल और ड्रोन के खतरे को बताते हैं। जॉर्डन की सरकार ने अब नागरिकों को समय पर जानकारी देने के लिए मोबाइल अर्ली वार्निंग सिस्टम का ट्रायल भी शुरू किया है। इसके जरिए आपातकालीन स्थिति में मोबाइल पर तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें और स्थानीय पुलिस के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com