जॉर्डन की राजधानी Amman और कई दूसरे राज्यों में 30 मार्च 2026 को एक बार फिर खतरे के सायरन बजने से हड़कंप मच गया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ईरान की ओर से Israel की तरफ दागी गई मिसाइलों के जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में दाखिल होने की वजह से यह अलर्ट जारी किया गया। पिछले कुछ हफ्तों से इलाके में तनाव बना हुआ है और Jordan की सेना लगातार इन खतरों को आसमान में ही खत्म करने में जुटी है।

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सायरन की आवाज़ का क्या है मतलब और कैसे करें अपना बचाव?

जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसी Public Security Directorate ने सायरन की आवाज़ों को लेकर नागरिकों के लिए खास निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग घबराएं नहीं और केवल सरकारी माध्यमों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। सायरन बजने पर इन नियमों का पालन करना जरूरी है:

  • तीन बार रुक-रुक कर सायरन: इसका मतलब है कि आसमान में खतरा है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी जगह पर रुक जाएं, किसी पक्की इमारत के अंदर जाएं और खिड़कियों से दूर रहें।
  • एक लंबी सायरन की आवाज़: यह सायरन तब बजाया जाता है जब खतरा टल जाता है। इसका मतलब है कि अब आप सुरक्षित हैं और अपने काम पर वापस लौट सकते हैं।
  • अज्ञात वस्तुओं से दूरी: अगर आपको ज़मीन पर कोई ड्रोन या मिसाइल का मलबा दिखे, तो उसे बिल्कुल न छुएं। इसकी जानकारी तुरंत इमरजेंसी नंबर 911 पर दें।

जॉर्डन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति

जॉर्डन की सेना ने बताया है कि फरवरी के अंत से अब तक करीब 240 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोनों को जॉर्डन की सीमा में घुसते ही मार गिराया गया है। 30 मार्च को हुई इस घटना के दौरान सऊदी अरब ने भी पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। तनाव को देखते हुए जॉर्डन के प्रधानमंत्री ने खर्चों में कटौती के निर्देश दिए हैं और देश की हवाई सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

तारीख सुरक्षा कार्रवाई का विवरण मिसाइल/ड्रोन की स्थिति
30 मार्च 2026 Amman और अन्य प्रांतों में सायरन बजे मिसाइलों को ट्रैक किया गया
26 मार्च 2026 एक ही दिन में चार बार अलर्ट जारी 240 से अधिक को रोका गया
23 मार्च 2026 राजधानी में डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ 222 मिसाइलों को नष्ट किया गया

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने देश के दूतावास के संपर्क में रहें। जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनके देश के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी सैन्य गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा। मौजूदा हालात में विमानों की उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए यात्री अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें।