जॉर्डन की सशस्त्र सेना (JAF) ने 31 मार्च, 2026 को जानकारी दी है कि उसने पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। जॉर्डन की रॉयल एयर फ़ोर्स ने इन मिसाइलों को अपने हवाई क्षेत्र में घुसने पर ही मार गिराया। वहीं दूसरी ओर UAE के रक्षा मंत्रालय ने भी बड़ी संख्या में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद खाड़ी के प्रमुख देशों के नेताओं ने बैठक कर क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अपनी चिंता जताई है।

जॉर्डन में मिसाइल गिरने के बाद क्या हैं ताजा हालात?

जॉर्डन की पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टोरेट (PSD) के प्रवक्ता ने बताया है कि मिसाइलों के मलबे और टुकड़े गिरने की कुल 17 शिकायतें मिली हैं। हालांकि इन घटनाओं में किसी भी नागरिक के घायल होने की खबर नहीं मिली है, लेकिन कुछ संपत्तियों को नुकसान जरूर पहुंचा है। प्रशासन ने आम जनता और वहां रह रहे प्रवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या मलबे के करीब न जाएं। यह सुरक्षा उपाय जॉर्डन में रह रहे भारतीयों और अन्य विदेशियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं ताकि कोई अनहोनी न हो।

UAE और सऊदी अरब का सुरक्षा पर क्या है स्टैंड?

UAE के एयर डिफेंस ने ईरानी हमलों के खिलाफ अपनी मुस्तैदी दिखाई और 8 बैलिस्टिक मिसाइलों, 4 क्रूज मिसाइलों और 36 ड्रोन को हवा में ही ढेर कर दिया। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला और कतर के अमीर ने एक साझा बयान में चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों और जरूरी सुविधाओं पर हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। इन देशों का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

देश/क्षेत्र घटना की जानकारी असर
Jordan 4 ईरानी मिसाइलें मार गिराईं कोई हताहत नहीं, मामूली संपत्ति का नुकसान
UAE 8 बैलिस्टिक और 36 ड्रोन रोके रक्षा प्रणाली पूरी तरह सतर्क
Israel एक ईरानी क्लस्टर मिसाइल गिरी 9 लोग घायल हुए
Turkey एक बैलिस्टिक मिसाइल रोकी पूर्वी भूमध्य सागर के ऊपर कार्रवाई

खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों के लिए सलाह है कि वे स्थानीय सरकारी समाचारों और आधिकारिक अलर्ट पर नजर रखें। सऊदी अरब, जॉर्डन और UAE की सरकारें स्थिति पर काबू पाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। हवाई यात्रा करने वाले लोग भी अपनी फ्लाइट्स के स्टेटस की जांच करते रहें क्योंकि क्षेत्रीय तनाव का असर उड़ानों के शेड्यूल पर भी पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.