ईरान के मुख्य तेल हब Kharg Island पर अमेरिकी सेना के हमले के बाद दुनियाभर के बाज़ारों में हलचल मच गई थी। हालांकि, ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म JPMorgan ने अपनी ताजा रिपोर्ट में राहत की खबर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, तेल की सप्लाई में होने वाली कोई भी रुकावट केवल अस्थायी और एहतियाती होगी। अमेरिकी हमलों में तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत होने की आशंका कम है। यह खबर खाड़ी देशों में रहने वाले उन प्रवासियों के लिए भी राहत भरी है जो तेल की बढ़ती कीमतों से चिंतित थे।

ईरान के तेल निर्यात और मौजूदा स्थिति पर क्या है अपडेट?

ईरान के Kharg Island पर हुए हमले के बाद भी कच्चे तेल का निर्यात जारी रहने की उम्मीद है। यह द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। फिलहाल वहां की स्थिति और सप्लाई चेन को लेकर कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • ईरान अभी भी रोजाना 1.5 से 1.7 मिलियन बैरल तेल का निर्यात करने में सक्षम है।
  • Kharg Island पर कुल 30 मिलियन बैरल तेल स्टोर करने की क्षमता है, जिसमें से अभी 18 मिलियन बैरल स्टॉक में मौजूद है।
  • यह स्टॉक किसी भी आपात स्थिति में अगले 10 से 12 दिनों तक सप्लाई को बनाए रखने के लिए काफी है।
  • अमेरिकी सेना ने एयर डिफेंस, नेवल बेस और एयरपोर्ट जैसी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया है लेकिन तेल टर्मिनलों को छोड़ दिया है।

JPMorgan की रिपोर्ट और अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?

JPMorgan की रिसर्च टीम के अनुसार, जब तक मुख्य तेल सुविधाएं सुरक्षित हैं, तब तक वैश्विक सप्लाई पर कोई बड़ा संकट नहीं आएगा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान भी किया है। उन्होंने कहा है कि समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए US Navy अब टैंकरों को एस्कॉर्ट करेगी। इससे खाड़ी से होने वाले व्यापार और समुद्री यातायात में स्थिरता आने की उम्मीद है।

मुख्य जानकारी विवरण
नष्ट किए गए सैन्य लक्ष्य 90 से ज्यादा
मौजूदा तेल निर्यात 1.5 – 1.7 मिलियन बैरल/दिन
स्टोरेज क्षमता 30 मिलियन बैरल
अमेरिकी रणनीति तेल संपत्तियों को छोड़कर केवल सैन्य हमला

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की कीमतों में स्थिरता से ईंधन के दाम और महंगाई पर सीधा असर पड़ता है। फिलहाल तेल की सप्लाई चैन सुरक्षित नजर आ रही है, लेकिन अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz में कोई बाधा आई तो वह अपनी नीति बदल सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.