कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, बाढ़ की वजह से 250 से अधिक तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा.

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण पवित्र कैलाश मानसरोवर और गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए 250 से अधिक तीर्थयात्रियों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि इन सभी लापता लोगों में अधिकांश भारतीय पर्यटक शामिल हैं जो इस मौसम में धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे। अचानक आए इस प्राकृतिक संकट के बाद से दोनों देशों के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पर्यटन विभाग और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
पर्यटन विभाग के पर्यटक पुलिस के डीएसपी विश्वराज अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बाढ़ के कारण फंसे हुए अधिकांश तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए हुए थे और अभी तक उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। इस समय मौसम ऐसा रहता है कि बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु मानसरोवर की यात्रा के लिए नेपाल के रास्तों का उपयोग करते हैं। डीएसपी अधिकारी के अनुसार, फिलहाल यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी है कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले मार्गों पर कुल कितने तीर्थयात्री मौजूद थे। संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर यात्रियों का सटीक विवरण और आंकड़े जुटाने का काम तेजी से चल रहा है।
राहत और बचाव कार्यों में आ रही दिक्कतें
प्रशासन इस समय यात्रियों की सुरक्षित स्थिति का पता लगाने के साथ-साथ राहत और बचाव अभियान की तैयारी एवं आपसी समन्वय में पूरी तरह जुटा हुआ है। हालांकि, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो चुकी है जिसकी वजह से तीर्थयात्रियों की वास्तविक स्थिति और उनके ठिकानों का पता लगाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार खराब होते मौसम और रास्तों के बंद होने से बचाव दलों को भी आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
भारतीय दूतावास और नेपाल सरकार के बीच बातचीत
इसी बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है ताकि भारतीय श्रद्धालुओं के बारे में जल्द से जल्द अधिक से अधिक जानकारी जुटाई जा सके। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव स्वयं नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग और विदेश मंत्री शिशिर खनाल से सीधे संवाद कर रहे हैं। उच्च स्तर पर हो रही इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी की हरसंभव संभावना पर विचार करना और तुरंत मदद पहुंचाना है।