यूएई में छिपे एक बड़े बैंक घोटाले के आरोपी कमलेश परख को भारत सरकार ने वापस मंगवा लिया है। सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर उसे प्रत्यर्पित कराया। वह लंबे समय से फरार था और अब सीबीआई की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है।

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क्या है पूरा मामला और कितना हुआ घोटाला

कमलेश परख पर बैंकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को करोड़ों का चूना लगाया। आरोपी ने फर्जी तरीके से विदेशी कंपनियों और बिजनेस के जरिए पैसों की हेराफेरी की और बैंक फंड को विदेशों में भेज दिया।

विवरण जानकारी
कुल प्रभावित बैंक 25 बैंक
लीड बैंक State Bank of India (SBI)
सरकारी बैंकों की संख्या 20
प्राइवेट बैंकों की संख्या 5
अनुमानित नुकसान 2,619.04 करोड़ से 2,672 करोड़ रुपये
ED का नोटिस 7,220 करोड़ रुपये (FEMA)
केस दर्ज होने का साल 2016

कैसे पकड़ा गया आरोपी और कौन-कौन शामिल है

कमलेश परख के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था, जिसकी मदद से उसे यूएई में खोज निकाला गया। इस पूरे खेल में उसकी कंपनी Shree Ganesh Jewellery House (I) Ltd. और उसके भाई निलेश और उमेश परख भी शामिल बताए गए हैं। निलेश परख को साल 2017 में ही दुबई से लौटने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।

  • कमलेश परख 1 मई 2026 को दिल्ली पहुँचा।
  • उसे सीबीआई की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), कोलकाता ने हिरासत में लिया।
  • इस पूरी कार्रवाई में यूएई की अथॉरिटीज़ ने भारत की मदद की।
  • अदालती कार्यवाही के बाद ही उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कमलेश परख को कहाँ से लाया गया और किसने पकड़ा?

कमलेश परख को UAE से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। उसे CBI, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के आपसी तालमेल से पकड़ा गया।

इस घोटाले में किन बैंकों को नुकसान पहुँचा?

इस घोटाले में SBI के नेतृत्व वाले 25 बैंकों के समूह को नुकसान हुआ, जिसमें 20 राष्ट्रीयकृत बैंक और 5 निजी बैंक शामिल थे।