ईरान में फंसे 1000 से ज्यादा भारतीय मछुआरे, खाने-पीने की भारी किल्लत, सांसद ने सरकार से मांगी मदद

Sushma Kumari25 March 20262 min read13 viewsExpat Issues

ईरान के तटों पर कन्याकुमारी के 1000 से अधिक मछुआरे इस समय बहुत गंभीर संकट में फंसे हुए हैं। इन मछुआरों के पास खाने-पीने की सामग्री खत्म होने वाली है और वहां के हालात काफी चिंताजनक बताए जा रहे हैं। कन्याकुमारी के सांसद Vijay Vasanth ने इस मामले को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। यह मछुआरे पिछले काफी समय से वहां फंसे हुए हैं और अब उनकी सुरक्षा को लेकर डर बढ़ता जा रहा है।

मछुआरे आखिर किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं?

ईरान में फंसे इन मछुआरों में से अधिकांश तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और तूतिकोरिन जिलों के रहने वाले हैं। वहां मौजूद लोगों ने बताया है कि वे अपनी नावों और तटीय सुविधाओं तक ही सीमित होकर रह गए हैं। क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए गए हैं, जिससे उनकी आवाजाही पर रोक लग गई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
  • पीने के साफ पानी और भोजन की भारी कमी हो गई है।
  • बीमार होने पर मछुआरों को मेडिकल सुविधा नहीं मिल पा रही है।
  • हवाई और समुद्री रास्ते बंद होने के कारण उनकी वापसी का रास्ता रुक गया है।
  • मछुआरे आर्थिक तंगी और बेरोजगारी का भी सामना कर रहे हैं।

मछुआरों की वापसी के लिए अब तक क्या हुआ है?

इस संकट को देखते हुए भारतीय सांसदों और प्रशासन ने कई स्तरों पर प्रयास शुरू किए हैं। कन्याकुमारी के सांसद Vijay Vasanth ने विदेश मंत्री S Jaishankar को पत्र लिखकर फंसे हुए 250 मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई है। वहीं MDMK सांसद Durai Vaiko ने भी 700 मछुआरों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

संबंधित अधिकारी/संस्था उठाया गया कदम
Vijay Vasanth (MP) लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया और विदेश मंत्री से मुलाकात की।
S Jaishankar (MEA) ईरान के विदेश मंत्री के साथ पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा की।
जिला प्रशासन फंसे हुए मछुआरों का डाटा इकट्ठा कर सरकार को भेजा गया है।
Indian Embassy मछुआरों को तेहरान स्थित दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।

मछुआरे परिवारों का कहना है कि वे वहां फंसे अपनों की सुरक्षा को लेकर बहुत डरे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने अपील की है कि सरकार जल्द से जल्द एयरलिफ्ट या समुद्री मार्ग से इन लोगों को वापस लाए। ईरान में संघर्ष की स्थिति के कारण भारतीय मछुआरों का रोजगार भी पूरी तरह छिन गया है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

Share:

Comments

Leave a comment