मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण पाकिस्तान के कराची स्थित Jinnah International Airport (KHI) पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भारी दबाव बढ़ गया है। 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 के बीच कई देशों का एयरस्पेस बंद होने के बाद दर्जनों विमानों को आपातकालीन स्थिति में कराची की ओर मोड़ दिया गया। इसके चलते एयरपोर्ट के सभी पार्किंग बे पूरी तरह भर चुके हैं और अधिकारियों ने नया अलर्ट जारी किया है।

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उड़ानों पर क्या असर पड़ा है और कौन सी एयरलाइंस प्रभावित हैं?

क्षेत्रीय तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़ रहे हैं जिससे भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। एयरलाइन डेटा के मुताबिक बड़े विमानों के लिए रूट बदलने का खर्च 6,000 डॉलर से 7,500 डॉलर प्रति घंटा तक पहुंच गया है। कराची एयरपोर्ट पर अचानक बढ़े इस दबाव की वजह से कई महत्वपूर्ण उड़ानें प्रभावित हुई हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

  • AirSial: इस एयरलाइन ने अपनी 19 उड़ानें रद्द कर दी हैं।
  • PIA: पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की 4 उड़ानें कैंसिल हुई हैं।
  • Saudi Airlines: पेशावर जाने वाली उड़ानों को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।
  • प्रभावित बड़ी एयरलाइंस: Emirates, Qatar Airways, British Airways, Lufthansa और Air India के विमानों को रूट बदलना पड़ा है।

एयरपोर्ट की पार्किंग क्षमता और प्रशासन का नया नियम

Pakistan Airports Authority (PAA) ने एक जरूरी Notice to Airmen (NOTAM) जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कराची एयरपोर्ट अपनी अधिकतम पार्किंग क्षमता तक पहुंच चुका है। एयरपोर्ट के पास कुल 266,000 वर्ग मीटर का पार्किंग एरिया है जिसमें 42 पार्किंग स्टैंड शामिल हैं। प्रशासन ने आदेश दिया है कि अब बिना पहले से तालमेल किए किसी भी नए डायवर्टेड विमान को एयरपोर्ट पर जगह नहीं दी जाएगी।

सुविधा का प्रकार कुल संख्या/स्थिति
पार्किंग स्टैंड (Contact Gates) 12
रिमोट पार्किंग बे 30
पिछले 24 घंटों में हैंडल की गई उड़ानें 27
पाकिस्तानी एयरस्पेस की स्थिति पूरी तरह चालू और सुरक्षित

ग्राउंड हैंडलिंग और रिफ्यूलिंग टीमें इस समय भारी दबाव में काम कर रही हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के आने वाले विमानों से सुरक्षा जोखिम और लॉजिस्टिक चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। गल्फ देशों जैसे दुबई, दोहा और अबू धाबी जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनके विमानों को कराची में रुकना पड़ रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह और वर्तमान स्थिति

मिडिल ईस्ट संकट के कारण हजारों यात्री कराची और अन्य क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि विमानों के मार्ग परिवर्तन से प्रत्येक उड़ान में 45 से 120 मिनट की देरी हो रही है। यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और फ्लाइट का ताजा स्टेटस चेक करें। हालांकि कराची एयरपोर्ट पर भीड़ है लेकिन पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र उड़ानों के ट्रांजिट के लिए पूरी तरह सुरक्षित बना हुआ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com