कराची में रविवार को एक बहुत बड़ा कार्यक्रम हुआ जहां हज़ारों लोग इकट्ठा हुए। यह जमावड़ा ईरान के पूर्व रिवोल्यूशनरी लीडर Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की शहादत के 40वें दिन यानी चेहल्लम के मौके पर था। यहां आए लोगों ने नए लीडर के प्रति अपनी वफादारी दोहराई और अमेरिका के खिलाफ जमकर आवाज़ उठाई।

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कराची के इस कार्यक्रम में क्या हुआ और कौन शामिल था?

IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक 3 मई 2026 को कराची में यह आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम जनता के साथ-साथ धार्मिक और राजनीतिक नेता भी शामिल हुए। Senator Allama Raja Nasir Abbas, जो सीनेट में विपक्ष के नेता हैं, उन्होंने इस मौके पर इलाके से अमेरिकी मिलिट्री बेस को पूरी तरह हटाने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने सभी मुस्लिम देशों से एकजुट होने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा रणनीति बनाने की अपील की।

अमेरिका के खिलाफ क्या मांगें उठाई गईं?

इस रैली के दौरान पाकिस्तान में अमेरिकी एम्बेसी (Embassy) को बंद करने की पुरज़ोर मांग की गई। प्रदर्शनकारियों और नेताओं ने मांग की कि अमेरिकी राजनयिकों और उनके स्टाफ को तुरंत देश से बाहर निकाला जाए। वहीं दूसरी ओर, IRGC ने इस तरह के आयोजनों को नए लीडर Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei के प्रति समर्थन का ज़रिया बताया। IRGC के मुताबिक, यह देशव्यापी भागीदारी अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मनों के खिलाफ एक मज़बूत देशभक्तिपूर्ण जवाब है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कराची में यह कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया था?

यह कार्यक्रम ईरान के पूर्व नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की शहादत के 40वें दिन (चेहल्लम) की याद में और नए लीडर के प्रति समर्थन जताने के लिए आयोजित किया गया था।

इस रैली में मुख्य रूप से किन चीज़ों की मांग की गई?

रैली में पाकिस्तान से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने, अमेरिका की एम्बेसी को बंद करने और वहां के राजनयिक स्टाफ को बाहर निकालने की मांग की गई।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.