कराची में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी तनख्वाह बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। इस विरोध को रोकने के लिए सिंध सरकार ने शहर के कई मुख्य रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया है। सड़कों पर बड़े-बड़े कंटेनर रख दिए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारी संवेदनशील सरकारी दफ्तरों तक न पहुँच सकें।

यह पूरा मामला 17 और 18 जून 2026 का है। सिंध असेंबली और कराची प्रेस क्लब (KPC) के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा के लिए महिला पुलिस अधिकारियों को भी लगाया गया। दंगों को रोकने के लिए पुलिस के पास लाठी, आंसू गैस, पानी की बौछार करने वाली गाड़ियाँ और जेल वैन पहले से तैयार रखी गई थीं।

नेताओं और सरकार के बीच बातचीत रही नाकाम

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के संगठन, जिनमें ऑल पाकिस्तान क्लर्क्स एसोसिएशन और प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन शामिल थे, उनके नेताओं ने बातचीत की कोशिश की। सिकंदर जतोई और जुल्फिकार शाह जैसे नेताओं ने कर्मचारियों की मांगें रखीं। सरकारी अधिकारियों के साथ कमिश्नर ऑफिस में मीटिंग हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इस दौरान एसएसपी साउथ महज़ूर अली और एसएसपी कीमारी संघर मलिक भी मौके पर मौजूद थे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा करते रहे।

आम जनता और ट्रैफिक पर पड़ा असर

रास्ते बंद होने की वजह से कराची के बीच शहर में ट्रैफिक की भारी समस्या हो गई। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सैकड़ों कर्मचारी कराची प्रेस क्लब के बाहर जमा हुए और धरने पर बैठ गए। जब प्रदर्शनकारियों ने सिंध असेंबली की तरफ मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद सड़क पर ही लंबा जाम लग गया।

Sushma Kumari

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