कराची के Kulsum Bai Valika (KBV) अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चों में एचआईवी (HIV) फैलने का मामला और गंभीर हो गया है। अब तक संक्रमित बच्चों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है, जिसमें दो और बच्चियां शामिल हुई हैं। इस खबर के बाद पीड़ित परिवारों में काफी नाराजगी है और उन्होंने सभी बच्चों की तुरंत जांच की मांग की है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, एक नौ साल की बच्ची और मेट्रोविले कॉलोनी की तीन साल की बच्ची में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। इस नौ साल की बच्ची के दो भाई पहले ही संक्रमित हो चुके थे। इन सभी बच्चों का इलाज KBV अस्पताल में हुआ था।
सरकार ने लिया बड़ा फैसला और किया एक्शन
सिंध लेबर मिनिस्टर और SESSI के चेयरमैन Saeed Ghani ने इस स्थिति को एक गंभीर मुद्दा बताया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। सरकार ने प्रभावित बच्चों के लंबे समय तक इलाज और उनकी देखभाल के लिए 200 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (Rs 2 billion) का फंड मंजूर किया है।
अस्पताल में मेडिकल नियमों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप में प्रशासन ने कई कर्मचारियों पर गाज गिराई है:
- डॉक्टर अमनुल्लाह मेमोन और डॉक्टर हुमा अमन को सस्पेंड कर दिया गया है।
- डिस्पेंसर बशारत खान को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
- 37 अन्य मेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
हालांकि, मिनिस्टर घनी ने दावा किया कि अस्पताल में ऑटो-डिसेबल सिरिंज का ही इस्तेमाल होता था और उन्होंने सिरिंज दोबारा इस्तेमाल करने की बातों का खंडन किया है।
कोर्ट ने मांगी पूरी रिपोर्ट
इस मामले में सिंध हाई कोर्ट (SHC) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रांतीय सरकार को दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश एडवोकेट Tariq Mansoor द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि SESSI द्वारा संचालित इस अस्पताल की लापरवाही की वजह से 200 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हुए और उनमें से नौ बच्चों की जान चली गई।
