कराची के एक सरकारी अस्पताल Kulsum Bai Valika (KBV) Hospital में बड़ी मेडिकल लापरवाही सामने आई है। यहाँ फैली बीमारी के कारण 130 से ज्यादा लोग HIV पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर मासूम बच्चे हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब नवंबर 2025 में इसके आंकड़े तेजी से बढ़ने लगे, जबकि शुरुआती 6 मामले अक्टूबर 2025 में ही रिपोर्ट किए गए थे।
संक्रमित सुइयों और लापरवाही का बड़ा आरोप
जांच में पता चला है कि यह संक्रमण अस्पताल में इस्तेमाल की गई दूषित सुइयों और इलाज के दौरान बरती गई गंभीर लापरवाही के कारण फैला है। सिंध लेबर मिनिस्टर Saeed Ghani के मुताबिक, KBV Hospital के आसपास करीब 10,500 लोगों की जांच की गई, जिसमें 120 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा, दूसरे अस्पताल में भी 10 और लोग संक्रमित मिले हैं। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के कई कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और 37 डॉक्टरों व स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सरकार का एक्शन और कोर्ट की सख्ती
सिंध हाई कोर्ट ने 3 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य और पुलिस अधिकारियों से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं, मुख्यमंत्री Syed Murad Ali Shah ने पीड़ितों के लिए 2 अरब रुपये का एंडोमेंट फंड बनाने की घोषणा की है, ताकि बच्चों का जीवनभर इलाज और पुनर्वास हो सके। पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन ने इसे पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताया है, जहाँ 2019 के रतोडेरो जैसा संकट फिर से दोहराया गया है। जून 2026 तक एक कमेटी ने 78 बाल रोगियों और 6 बच्चों की मौत की पुष्टि पहले ही कर दी थी।
