कराची के कय्यूमआबाद इलाके में पानी की भारी किल्लत से गुस्साए सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। लगभग चार महीने से पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे लोगों का गुस्सा शुक्रवार, 5 जून 2026 को फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कय्यूमआबाद चौरंगी जैसे व्यस्त चौराहे पर करीब चार घंटे तक रास्ता बंद रखा, जिससे पूरे इलाके में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। लोग पानी के लिए महंगे और दूषित टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।

कय्यूमआबाद में क्यों फूटा लोगों का गुस्सा

कय्यूमआबाद के निवासियों का कहना है कि वे पिछले चार महीनों से पानी की भारी कमी झेल रहे हैं। प्रशासन की ओर से बार-बार खोखले वादे किए जा रहे हैं, जिससे तंग आकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कराची के मेयर मुर्तजा वहाब से तुरंत इस मामले में दखल देने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि उन्हें ‘टैंकर माफिया’ से बहुत अधिक कीमत पर गंदा और दूषित पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शाह फैसल टाउन के असिस्टेंट कमिश्नर अब्दुल समी के साथ लंबी बातचीत और आश्वासन के बाद आखिरकार यह जाम शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ।

कराची में पानी की किल्लत की असली वजह क्या है

कराची में पानी के संकट के पीछे बिजली की समस्या और पुराना बुनियादी ढांचा सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है। मई के आखिर से जून की शुरुआत के दौरान धाबेजी, नॉर्थ ईस्ट कराची और हब पंपिंग स्टेशनों पर बिजली कटौती के कारण लाखों गैलन पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉर्पोरेशन ने दावा किया था कि 6 जून से पानी की सप्लाई दोबारा सुचारू कर दी जाएगी, लेकिन जनता को अब इन दावों पर यकीन नहीं है।

इस बीच, मेयर मुर्तजा वहाब ने घोषणा की है कि वर्ल्ड बैंक की मदद से चलने वाले प्रोजेक्ट के तहत 60 साल पुरानी मुख्य पाइपलाइन को बदल दिया गया है, जिससे पानी की बर्बादी कम होगी। इसके अलावा शहर में अवैध कनेक्शनों को हटाने और पानी के हाइड्रेंट्स को धीरे-धीरे पूरी तरह बंद करने की योजना पर काम किया जा रहा है ताकि पाइपलाइन से सीधे घरों तक पानी पहुंचे।

विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा और दी आंदोलन की चेतावनी

पानी के इस गंभीर संकट को लेकर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। जमात-ए-इस्लामी ने 6 जून 2026 को पूरे कराची में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी के कार्यवाहक प्रमुख सैफुद्दीन एडवोकेट ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कराची का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा है और प्रशासन इस समस्या को हल करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस संकट को जल्द हल नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे कराची में चक्का जाम और बड़ी हड़ताल की जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कराची के कय्यूमआबाद में लोगों ने सड़क क्यों जाम की?

कय्यूमआबाद के निवासी पिछले चार महीने से पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। प्रशासन के झूठे वादों और महंगे व दूषित टैंकर पानी को खरीदने की मजबूरी के कारण लोगों ने चक्का जाम किया।

प्रशासन पानी की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठा रहा है?

कराची के मेयर के अनुसार वर्ल्ड बैंक की मदद से 60 साल पुरानी मुख्य पानी की पाइपलाइन को बदला गया है। इसके अलावा अवैध पानी के कनेक्शन काटने और वॉटर हाइड्रेंट्स को बंद कर सीधे घरों तक सप्लाई पहुंचाने की योजना पर काम जारी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.