जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में स्थानीय लोगों ने ईरान में चल रहे संकट के दौरान अपनी एकजुटता दिखाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 22 मार्च 2026 को ईद के अगले दिन युवाओं ने घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा करने का अभियान चलाया। इस दौरान लोगों ने न केवल नकदी बल्कि अपने कीमती जेवर और घर का सामान भी दान में दे दिया। यह मदद ईरान में चल रहे मौजूदा संघर्ष से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भेजी जा रही है।

इस दान अभियान में लोगों ने क्या-क्या दिया?

बडगाम और कश्मीर के अन्य शिया बहुल इलाकों में लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खुलकर दान किया है। इस अभियान में युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दान की गई वस्तुओं की सूची नीचे दी गई है:

  • सोना और चांदी के गहने
  • नकद पैसे और बच्चों के गुल्लक की बचत
  • तांबे के बर्तन और अन्य घरेलू सामान
  • कुछ इलाकों में लोगों ने पशुधन (livestock) भी दान किया
  • एक महिला ने अपने दिवंगत पति की याद में 28 साल से सहेज कर रखा सोना भी दान कर दिया

यह चंदा ईरान तक कैसे पहुंचाया जाएगा?

सरकारी अधिकारियों और राहत संगठनों ने साफ किया है कि इकट्ठा किया गया सारा सामान और पैसा आधिकारिक माध्यमों से ही ईरान भेजा जाएगा। इसके लिए ईरानी दूतावास (Iranian Embassy) और मान्यता प्राप्त राहत संस्थाओं की मदद ली जा रही है ताकि सहायता सही लोगों तक पहुंच सके। ईरानी दूतावास ने इस मानवीय मदद के लिए कश्मीर के लोगों और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि कश्मीर के लोगों का यह साथ हमेशा याद रखा जाएगा।