जम्मू-कश्मीर के बारामूला के रहने वाले 29 वर्षीय नर्स अमजद अली भट करीब 3 महीने की हिरासत के बाद सुरक्षित अपने घर वापस लौट आए हैं। उन्हें सऊदी अरब में एक फेसबुक पोस्ट साझा करने के मामले में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद से ही उनके परिजन और भारतीय अधिकारी लगातार उनकी रिहाई के लिए प्रयास कर रहे थे। 17 जुलाई 2026 को वह आखिरकार अपने परिवार से मिल सके।
मामला क्या था और कैसे हुई रिहाई
अमजद अली भट सऊदी अरब के दम्माम में स्थित Saudi Response Plus Medical में कार्यरत थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने फेसबुक पर ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़ी एक पोस्ट साझा की थी। इसके बाद 25 मार्च 2026 को सऊदी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इस दौरान उनका पासपोर्ट और आईडी ज़ब्त कर ली गई और उनसे बार-बार पूछताछ की गई।
उनकी रिहाई के लिए उनके पिता गुलाम अली भट ने भारतीय और सऊदी दोनों अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय, रियाद में स्थित भारतीय दूतावास, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, बारामूला के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने राजनयिक स्तर पर बातचीत की। लंबी कोशिशों के बाद 25 जून 2026 को उन्हें रिहाई की जानकारी दी गई और वह अब सकुशल अपने वतन पहुंच चुके हैं। उनके पिता ने बताया कि अब वह भविष्य में विदेश में नौकरी के लिए नहीं जाएंगे।
