Kathmandu में हवा हुई ज़हरीली, दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना, AQI 247 पहुँचने से बढ़ा खतरा

काठमांडू की हवा अब लोगों के लिए काफी खतरनाक हो गई है। यहाँ प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि शहर दुनिया के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर की लिस्ट में शामिल हो गया है। हवा की क्वालिटी इतनी खराब है कि आम लोगों के लिए बाहर निकलना सेहत के लिए बड़ा जोखिम बन गया है।

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प्रदूषण का स्तर क्या है और कौन सा शहर सबसे आगे है?

IQAir के डेटा के मुताबिक, काठमांडू का Air Quality Index (AQI) 247 दर्ज किया गया है। इसे ‘वेरी अनहेल्दी’ माना जाता है। दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रदूषण पाकिस्तान के लाहौर शहर में है, जहाँ AQI 381 तक पहुँच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब AQI 200 के पार चला जाता है, तो यह आम आबादी की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

हवा इतनी खराब होने की असली वजह क्या है?

पर्यावरण विभाग के महानिदेशक ज्ञान राज सुबेदी ने बताया कि बारिश की कमी और लंबे समय से सूखे की वजह से प्रदूषण बढ़ा है। साथ ही खेतों में कचरा जलाने और जंगलों की आग ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है और तापमान बढ़ सकता है, जिससे हवा में सुधार होने की संभावना कम है।

आम लोगों और बच्चों के लिए क्या सलाह दी गई है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को बाहर कम निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को घर के अंदर रहने को कहा गया है। वहीं, पर्यावरण पत्रकारों के फोरम (Nefej) ने सरकार से मांग की है कि अगर AQI 300 के पार जाता है, तो पर्यावरण आपातकाल घोषित किया जाए, धुंआ छोड़ने वाले वाहनों पर रोक लगे और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद कर दिए जाएं।