कजाकिस्तान में नए संविधान के तहत हुए पहले चुनाव में अदिलेट पार्टी की बंपर जीत, राष्ट्रपति को मिला बड़ा समर्थन

Sushma Kumari24 August 20263 min read51 viewsWorld
कजाकिस्तान में नए संविधान के तहत हुए पहले चुनाव में अदिलेट पार्टी की बंपर जीत, राष्ट्रपति को मिला बड़ा समर्थन

कजाकिस्तान से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहाँ देश में नई संवैधानिक व्यवस्था के तहत हुए पहले संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के समर्थन वाली अदिलेट पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस चुनाव में अदिलेट पार्टी को कुल 71.17 प्रतिशत वोट मिले हैं। इस बड़ी जीत से राष्ट्रपति तोकायेव की राजनीतिक स्थिति देश में और अधिक मजबूत होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अदिलेट पार्टी की इस सफलता पर कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव को अपनी बधाई दी है।

नई एकसदनीय संसद कुरिलताई का हुआ गठन

तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह चुनाव देश की नई 145 सदस्यीय एकसदनीय संसद कुरिलताई के गठन के लिए कराए गए थे। आपको बता दें कि नए संविधान के लागू होने के बाद कजाकिस्तान की पिछली दो-सदनीय संसद को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है और अब देश में एकसदनीय विधायिका की व्यवस्था को अमल में लाया गया है। इस चुनाव प्रक्रिया में कुल सात राजनीतिक दलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था जिनमें अदिलेट पार्टी, नेशनवाइड सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी, बैटाक, पीपल्स पार्टी ऑफ कजाकिस्तान, औयुल, अक झोल और रेस्पुब्लिका पार्टी शामिल थीं। इसके अलावा आम मतदाताओं के लिए इनमें से कोई नहीं यानी नोटा का विकल्प भी मतपत्र में उपलब्ध कराया गया था।

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पार्टी-लिस्ट प्रणाली के जरिए हुए मतदान

इस बार नई संसद के लिए चुनाव पूरी तरह से पार्टी-लिस्ट प्रणाली के माध्यम से संपन्न कराए गए थे। चुनाव नियमों के अनुसार संसद के निचले सदन या विधायिका में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी को कम से कम 5 प्रतिशत वोट हासिल करना अनिवार्य किया गया था। चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अदिलेट पार्टी के अलावा चार अन्य राजनीतिक दल भी संसद में अपनी पैठ बनाने में कामयाब रहे हैं। इन अन्य दलों में बिजनेस समर्थक रेस्पुब्लिका और अक झोल पार्टी, सेंटर-लेफ्ट नेशनवाइड सोशल डेमोग्रेटिक पार्टी और ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली औयुल पार्टी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि अदिलेट पार्टी का गठन इसी साल हुआ था और पार्टी के गठन के तुरंत बाद पिछली सत्ताधारी पार्टी अमानत का इसमें पूरी तरह से विलय कर दिया गया था।

ऐतिहासिक महत्व वाला रहा यह चुनाव

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदिलेट की इस भारी-भरकम जीत और संसद के भीतर सरकार समर्थक दलों की मजबूत मौजूदगी से तोकायेव प्रशासन को अपने आगामी राजनीतिक और संवैधानिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। राष्ट्रपति प्रशासन के पहले डिप्टी हेड एरलान करिन ने इस पूरे चुनाव को कजाकिस्तान के नेशनल रीसेट के एक बिल्कुल नए चरण की शुरुआत बताया है। करिन के अनुसार यह चुनाव अत्यधिक ऐतिहासिक महत्व वाला था क्योंकि इसके माध्यम से नई संवैधानिक व्यवस्था के तहत पहली विधायिका का विधिवत गठन किया जा रहा है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के लिए देश भर में कुल 1.26 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया था।

देशभर में मतदान केंद्र स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे खुले थे और रात के 8 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चली थी। हालांकि सैन्य ठिकानों, शिफ्ट-वर्कर बस्तियों और लगातार चलने वाली फैक्ट्रियों जैसे कुछ चुनिंदा स्थानों पर सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्र निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही खोल दिए गए थे। इसके अलावा विदेशों में रह रहे कजाक नागरिकों के लिए कुल 61 देशों में 79 मतदान केंद्र विशेष रूप से बनाए गए थे ताकि वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। नई संसद के सुचारू गठन के साथ ही कजाकिस्तान अब नई संवैधानिक व्यवस्था के अगले चरण में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर चुका है जहाँ राष्ट्रपति तोकायेव के कुशल नेतृत्व में राजनीतिक और प्रशासनिक आधुनिकीकरण के कार्यों को और अधिक गति देने पर मुख्य जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।

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