सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के बीच फोन पर जरूरी बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान कज़ाकिस्तान ने सऊदी अरब के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया। कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति ने उन हमलों की कड़ी निंदा की जो हाल के दिनों में सऊदी अरब की जमीं पर हुए। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और जमीन की रक्षा के लिए जो भी फैसला लेगा, कज़ाकिस्तान उसमें साथ खड़ा रहेगा।

सऊदी अरब में पिछले कुछ दिनों में क्या हुआ?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि 4 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में हमलों की कोशिश की गई थी। इन घटनाओं की जानकारी नीचे दी गई है:

  • 4 मार्च को Ras Tanura में मौजूद Aramco तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसे सेना ने बीच में ही रोक दिया।
  • रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास भी एक ड्रोन गिरा, जिससे वहां थोड़ा नुकसान हुआ।
  • सऊदी एयर डिफेंस ने रियाद की तरफ बढ़ते हुए कई ड्रोनों और मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराया।
  • मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि इन हमलों से तेल सप्लाई या काम-काज पर कोई असर नहीं पड़ा है।

प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या बोले अधिकारी?

सऊदी सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि उसे अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक है। सऊदी अरब में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य विदेशियों के लिए राहत की बात यह है कि देश का सुरक्षा सिस्टम बहुत मजबूत है और खतरों को समय रहते रोका जा रहा है। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए 5 मार्च को खाड़ी देशों और यूरोपीय देशों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। यूएई और कतर जैसे पड़ोसी देशों ने भी सऊदी अरब का साथ देने का वादा किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.