अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने एक बड़ा खुलासा किया है। कजाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते के तहत ईरान के हथियार बनाने के लायक यूरेनियम को अपने पास रखने की इच्छा जताई है। कजाकिस्तान के इस कदम से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहा परमाणु विवाद सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है। यह व्यवस्था वाशिंगटन और तेहरान दोनों के लिए स्वीकार्य हो सकती है।
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कजाकिस्तान क्यों रखना चाहता है ईरान का यूरेनियम?
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव और IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के बीच अस्ताना में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में कजाकिस्तान ने साफ किया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है, तो वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने यहां सुरक्षित रखने के लिए तैयार है। कजाकिस्तान का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने में मददगार साबित होगा। कजाकिस्तान में पहले से ही साल 2017 से कम-समृद्ध यूरेनियम का एक बैंक मौजूद है, जिसे IAEA के सहयोग से चलाया जाता है।
क्या है अमेरिका और ईरान का पूरा परमाणु विवाद?
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु हथियारों के विकास को पूरी तरह से बंद करे। हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि ईरान सैद्धांतिक रूप से अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को हटाने के लिए सहमत हो गया है। हालांकि, ईरानी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अभी तक पूरी तरह से यूरेनियम सौंपने की बात नहीं मानी है और बातचीत अभी शुरुआती चरण में है।
IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने क्या चिंता जताई है?
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की जांच के बिना कोई भी समझौता केवल एक भ्रम होगा। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि IAEA को ईरान के यूरेनियम स्टॉक की पूरी तरह से जांच करने की अनुमति नहीं मिल रही है। ग्रॉसी ने कहा कि जब तक ईरान इन सुरक्षा चिंताओं को दूर नहीं करता, तब तक एजेंसी उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं मान सकती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या कजाकिस्तान के पास परमाणु सामग्री रखने का अनुभव है?
हां, कजाकिस्तान में साल 2017 से IAEA के सहयोग से बना एक अंतरराष्ट्रीय यूरेनियम बैंक संचालित है, जहां सुरक्षित तरीके से परमाणु ईंधन रखा जाता है।
इस समझौते में कजाकिस्तान की मुख्य भूमिका क्या होगी?
यदि अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता होता है, तो कजाकिस्तान ईरान के हथियार-ग्रेड के करीब वाले समृद्ध यूरेनियम को अपने यहां स्टोर करेगा ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो।