Kerala BDS Student Death: कन्नूर डेंटल कॉलेज ने नकारा जातिवाद का आरोप, कहा पर्सनल लोन बना मौत की वजह
केरल के कन्नूर डेंटल कॉलेज में पहले साल के BDS छात्र आर.एल. नितिन राज की मौत के मामले में नया मोड़ आया है. कॉलेज मैनेजमेंट ने जातिवाद के सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. उनके मुताबिक, यह पूरी घटना छात्र द्वारा एक मोबाइल ऐप से लिए गए पर्सनल लोन से जुड़ी है, जिसकी वजह से वह तनाव में था.
मौत की वजह और कॉलेज मैनेजमेंट का क्या कहना है?
कॉलेज चलाने वाले प्रेस्टीज एजुकेशनल ट्रस्ट और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अदनान सिद्दीकी ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि नितिन राज ने ‘Insta Pay’ नाम के एक मोबाइल ऐप से लोन लिया था. मैनेजमेंट का दावा है कि लोन रिकवरी एजेंटों ने एक फैकल्टी मेंबर को भी फोन और मैसेज कर परेशान किया क्योंकि उनका नंबर रेफरेंस में दिया गया था. कॉलेज ने इस बात को साफ किया है कि नितिन या उनके परिवार ने कभी जातिवाद की शिकायत नहीं की थी और पुलिस को सबूत के तौर पर CCTV फुटेज भी दे दिए हैं.
पुलिस जांच और अब तक हुई कानूनी कार्रवाई क्या है?
पुलिस ने परिवार के आरोपों के आधार पर दो फैकल्टी मेंबर्स, डॉ. एम. के. राम और के. टी. संगीता नंबियार के खिलाफ केस दर्ज किया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है. डॉ. एम. के. राम को 16 अप्रैल 2026 को नौकरी से निकाल दिया गया. वहीं, साइबर पुलिस ने लोन ऐप ‘Insta Pay’ के खिलाफ भी केस किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है.
सरकार और स्वास्थ्य विभाग का इस पर क्या स्टैंड है?
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इस घटना को बहुत दुखद बताया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ किया कि जाति आधारित भेदभाव किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, ST/SC कमीशन के चेयरमैन शेखरण मिनियोदन ने भी दुख जताया है. नेशनल डेंटल कमीशन ने भी ABVP की शिकायत के बाद कॉलेज से पूरी रिपोर्ट मांगी है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतक छात्र | आर.एल. नितिन राज (BDS फर्स्ट ईयर) |
| घटना की तारीख | 10 अप्रैल 2026 |
| संबंधित कॉलेज | कन्नूर डेंटल कॉलेज, अंजारकंडी |
| विवादित लोन ऐप | Insta Pay |
| आरोपी फैकल्टी | डॉ. एम. के. राम और के. टी. संगीता नंबियार |
| जांच एजेंसी | SIT और कन्नूर साइबर पुलिस |
| मुख्य आरोप | जातिगत भेदभाव और लोन ऐप द्वारा उत्पीड़न |