भारतीय प्रवासियों और विदेश में काम करने वालों के लिए एक अहम खबर है। भारत सरकार के विदेश और पर्यावरण मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह न्यूयॉर्क में होने वाली दूसरी इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (IMRF) का नेतृत्व करेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक 4 से 8 मई 2026 तक चलेगी, जहाँ दुनिया भर के देशों के साथ प्रवासियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर चर्चा होगी।

IMRF बैठक में क्या होगा और भारत का क्या रोल है?

यह फोरम दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी मंच है जहाँ सुरक्षित और नियमित प्रवासन (Migration) पर चर्चा होती है। मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह यहाँ भारत का राष्ट्रीय बयान पढ़ेंगे। इस बैठक का मुख्य मकसद अगले पांच सालों के लिए प्रवासियों से जुड़ी प्राथमिकताओं को तय करना है।

  • तारीख: 4 से 8 मई 2026
  • जगह: न्यूयॉर्क, अमेरिका
  • लक्ष्य: प्रवासन नियमों में सुधार और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करना
  • आयोजक: यूएन जनरल असेंबली के अध्यक्ष इस कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे

‘e-Migrate’ सिस्टम पर भारत देगा जोर

भारत इस फोरम के दौरान एक खास कार्यक्रम भी आयोजित करेगा, जिसका नाम “Leveraging Digital Innovation in Migration Governance-The e-Migrate Experience of India” होगा। इसमें भारत दुनिया को बताएगा कि कैसे डिजिटल तकनीक के जरिए प्रवासियों के कामकाज को आसान बनाया गया है। इसके अलावा मंत्री सिंह यूएन (UN) के बड़े अधिकारियों और दूसरे देशों के मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे।

बैठक की खास बातें और नियम

इस फोरम में चार राउंड टेबल मीटिंग, एक पॉलिसी डिबेट और एक प्लनरी सेशन आयोजित किया जाएगा। बैठक की शुरुआत 4 मई को एक अनौपचारिक सुनवाई से होगी। नियमों के मुताबिक, चर्चा के दौरान हर देश के प्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए केवल 3 मिनट का समय मिलेगा। इस पूरी प्रक्रिया के अंत में एक प्रोग्रेस डिक्लेरेशन (Progress Declaration) को अपनाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) जैसी संस्थाएं भी मदद करेंगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IMRF बैठक कब और कहाँ होगी?

यह बैठक 4 से 8 मई 2026 तक न्यूयॉर्क में होगी, जिसकी मेजबानी यूएन जनरल असेंबली के अध्यक्ष करेंगे।

भारत इस बैठक में किस खास विषय पर चर्चा करेगा?

भारत अपने ‘e-Migrate’ अनुभव के जरिए दुनिया को यह बताएगा कि डिजिटल इनोवेशन से प्रवासन शासन को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।