Gaza Mission: कोसोवो भेजेगा अपने सैनिक, अमेरिकी सपोर्ट वाली ISF फोर्स में शामिल होंगे जवान
कोसोवो की संसद ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गाजा में शांति बनाए रखने के लिए अपने सैनिकों को भेजने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला अमेरिका के समर्थन वाली ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) की मदद के लिए लिया गया है। शुक्रवार को हुई वोटिंग में सभी 89 सदस्यों ने एकमत होकर इसके पक्ष में वोट दिया।
कोसोवो क्यों भेज रहा है अपने सैनिक?
कोसोवो के प्रधानमंत्री Albin Kurti ने बताया कि उनका देश गाजा के लोगों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि 1999 में कोसोवो को भी अंतरराष्ट्रीय ताकतों से सुरक्षा और मदद मिली थी, इसलिए अब वे दुनिया के दूसरे हिस्सों में मदद करना चाहते हैं। यह पूरी प्रक्रिया UN के प्रस्ताव और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के निमंत्रण पर आधारित है।
रक्षा मंत्री Ejup Maqedonci ने कहा कि कोसोवो अब सुरक्षा पाने वाले देश से बदलकर सुरक्षा देने वाले देश की भूमिका में आ रहा है। इस मिशन के लिए सैनिकों के वीजा और वैक्सीनेशन जैसे इंतजामों में अमेरिका ने मदद की है।
इस मिशन में क्या भूमिका होगी और कौन-कौन शामिल है?
कोसोवो की तरफ से शुरुआत में करीब 22 सैनिकों का दस्ता जा सकता है। इन जवानों में बम हटाने वाले एक्सपर्ट्स और मानवीय मदद देने वाले ऑफिसर शामिल होंगे। यह फोर्स केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन को सहारा देने का काम करेगी।
इस मिशन का पूरा खर्चा कोसोवो का बजट उठाएगा। खास बात यह है कि वहां तैनात होने के बाद भी इन सैनिकों पर कानूनी मामलों में कोसोवो सरकार का ही अधिकार रहेगा। कोसोवो के अलावा इंडोनेशिया, अल्बानिया, कजाकिस्तान और मोरक्को जैसे देश भी इस फोर्स में अपने सैनिक भेज रहे हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पार्लियामेंट वोटिंग तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| वोटिंग का नतीजा | 89-0 (पूर्ण बहुमत) |
| सरकार की शुरुआती मंजूरी | 30 मार्च 2026 |
| अमेरिका से निमंत्रण | दिसंबर 2025 |
| UN प्रस्ताव तारीख | 29 सितंबर 2025 |
| सैनिकों की अनुमानित संख्या | लगभग 22 जवान |
| मिशन का बजट | कोसोवो सरकार द्वारा |